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चीन, अमेरिका से इस मामले में पिछड़ा भारत, बढ़ गई बेरोजगारों की संख्या

NSSO के मुताबिक देशभर में सिर्फ 3.5 फीसदी युवा ही हुनरमंद हैं, जबकि चीन में 45 और अमेरिका में 56 फीसदी लोग स्किल ट्रेंड हैं।

dainikbhaskar.com | Last Modified - Apr 20, 2016, 12:05 AM IST

  • एजुकेशन डेस्क। साल 2025 तक भारत की आर्थिक दर 10 फीसदी होने की बात कही जा रही है, जो कि एक सुखद संदेश है। दूसरी तरफ, सरकारी सर्वे में सामने आया है कि रोजगार वृद्धि की दर पिछले 7 सालों के मुकाबले सबसे निचले स्तर पर है। नेशनल सेंपल सर्वे ऑफिस (NSSO) के मुताबिक देशभर में सिर्फ 3.5 फीसदी युवा ही हुनरमंद हैं, जबकि चीन में 45 और अमेरिका में 56 फीसदी लोग स्किल ट्रेंड हैं। सर्वे के मुताबिक पिछले एक साल में ही भारत में बेरोजगार युवाओं की संख्या बढ़ी है। 2 करोड़ है युवा बेरोजगारों की संख्या...
    हाल फिलहाल में आए दो ताजा सर्वे भारत में युवाओं की बढ़ती परेशानी और रोजगार के कम होते अवसरों को दिखाने वाले हैं। NSSO और अंतरराष्ट्रीय मजदूर संघ (ILO) द्वारा कराए गए एक सर्वे में रोजगार वृद्धि की दर भारत के शहरी इलाकों में 3.4 और ग्रामीण इलाकों में 1.7 फीसदी है। जबकि इससे पिछले सत्र में शहरी क्षेत्र में रोजगार वृद्धि की दर 3.5 और साल 2013 में 4.8 फीसदी थी। हालांकि, ग्रामीण इलाकों में साल 2013 के मुकाबले 0.2 फीसदी रोजगार बढ़े हैं। कुलमिलाकर इस समय देश में लगभग 2 करोड़ युवा बेराजगार हैं।
    प्राइवेट सेक्टर से दूर हुए युवा :
    साल 2009 में आए आर्थिक संकट के दौरान निजी कंपनियों ने ताबड़तोड़ कर्मचारियों की छंटनी की थी, जिसके बाद से निजी क्षेत्र के प्रति युवाओं का मोह कम हुआ है। सरकारी नौकरी की उम्मीद में कर्मचारी चयन आयोग की साल 2013-14 की 6 परीक्षाओं में भागीदारी करने वाले कैंडिडेट्स की संख्या एक करोड़ से ज्यादा थी। निजी कंपनियों में अनिश्चितता और कम पैकेज के चलते, सरकारी नौकरी की चाहत युवाओं में इस हद तक बढ़ गई है कि पिछले पांच साल में कैंडिडेट्स की संख्या में 10 गुना वृद्धि हुई है।
    आगे की स्लाइड्स पर जानिए भारत में बेरोजगार युवाओं से जुड़े कुछ आंकड़े...
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