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लाइफ में रिस्क लेकर बने डॉक्टर, ऐसे हासिल की इन्होंने सक्सेस

डॉक्टर सक्सेना इन दिनों सीनियर फॉर्मूलेशन डेवलपमेंट साइंटिस्ट की पोस्ट पर Sancilio Pharmaceuticals कंपनी के साथ काम कर रहे हैं।

dainikbhaskar.com | Last Modified - Jun 10, 2016, 01:37 PM IST

एजुकेशन डेस्क। हाई स्कूल के बाद ऐसे स्टूडेंट्स जो साइंस लेते हैं वो अपना करियर मेडिकल या इंजीनियरिंग में बनाना चाहते हैं। इतना ही नहीं, इनमें भी ज्यादातर स्टूडेंट्स प्री-मेडिकल और प्री-इंजीनियरिंग के कॉम्पटेटिव एग्जाम की तैयारी जरूर करते हैं। डॉक्टर वैभव सक्सेना भी ऐसे ही स्टूडेंट्स हैं, लेकिन उन्होंने भीड़ में न चलकर अपनी एक अलग पहचान बनाई है। यूएसए में कर रहे काम...
डॉक्टर सक्सेना इन दिनों सीनियर फॉर्मूलेशन डेवलपमेंट साइंटिस्ट की पोस्ट पर Sancilio Pharmaceuticals कंपनी के साथ काम कर रहे हैं। ये कंपनी साउथ फ्लोरिडा, USA में स्थित है।
डॉक्टर सक्सेना का जन्म भोपाल शहर में हुआ है। वे यहीं पले-बढ़े हैं। वे हमेशा खुद से ये सवाल पूछते थे कि आखिर साइंस के बाद करियर सिर्फ दो च्वाइस पर ही क्यों अटक जाता है। उन्होंने इस बारे में बताया, "करियर के लिए कोई रास्ता चुनना काफी अहम मोड़ होता है, लेकिन मैंने देखा की सभी के माता-पिता बच्चे से डॉक्टर या इंजीनियर बनने की एक्सपेक्टेशन लगाकर बैठे हैं। इतने दबाव में बच्चों के लिए एग्जाम भी मुश्किल हो जाता है और बाद में ये उसकी नाकामी का कारण भी बन जाता है। पेरेंट्स ये भी नहीं देखते कि साइंस में बच्चे का इंट्रेस्ट है या फिर वो उसे कर सकता है। ऐसे में मैंने सोच लिया कि रिस्क लूंगा और दूसरों के लिए उदाहरण का काम करुंगा।"
डॉक्टर सक्सेना बताते हैं कि उन्होंने साइंस की कई फील्ड जैसे स्पेस, एनवायरमेंट, ड्रग डिस्कवरी, मटेरियल, बायोलॉजी, केमेस्ट्री, मरीन साइंस पर रिसर्च की। बाद में उन्होंने ड्रग डिस्कवरी एंड डेवलपमेंट की फील्ड को चुना। इस दिशा में करियर बनाने को फार्मास्यूटिकल साइंस कहते हैं। मेरे इस डिसीजन पर पेरेंट्स और फैकल्टी साथ रहे।
वैभव ने सबसे पहले राजीव गांधी टेक्निकल यूनिवर्सिटी से फार्मेसी में बैचलर डिग्री की थी। बाद में उन्होंने अपने सपने को साकार करने और हायर एजुकेशन हासिल करने के लिए अब्रॉड जाने का फैसला किया। उन्होंने बोस्टन (USA) में फॉर्मूलेशन साइंस एंड ड्रग डिलिवरी की फील्ड में पढ़ाई शुरू की। इस दौरान उन्होंने mitochondrial मेडिसिन और कैंसर पर रिसर्च को फोकस किया। इन दिनों वो मेडिसिन मेन्युफैक्चर एंड डेवलप फॉर ह्यूमन एप्लिकेशन रिसर्च प्रोजेक्ट को लीड कर रहे हैं।
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