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'आगे का क्या सोचा है?', पढ़ाई पूरी होने का बाद सामने आते हैं ऐसे सवाल

किसी स्टूडेंट के एजुकेशन करियर का बेस्ट पार्ट कॉलेज लाइफ होती है। 2 से 3 साल के दौरान पढ़ाई के साथ मस्ती, नए फ्रेंड्स, पार्टी, घूमना-फिरना भी होता है।

dainikbhaskar.com | Last Modified - Jul 25, 2016, 12:05 AM IST

  • एजुकेशन डेस्क। किसी स्टूडेंट के एजुकेशन करियर का बेस्ट पार्ट कॉलेज लाइफ होती है। 2 से 3 साल के दौरान पढ़ाई के साथ मस्ती, नए फ्रेंड्स, पार्टी, घूमना-फिरना भी होता है। इन सब के बीच कॉलेज में डिग्री कब पूरी हो जाती पता ही नहीं चलता। कॉलेज की पढ़ाई पूरी होने के साथ ही एक सवाल सामने होता है, 'अब आगे क्या?'। हम ऐसी ही कुछ सिचुएशन के बारे में बता रहे हैं जो ज्यादातर स्टूडेंट्स के सामने उस वक्त खड़ी हो जाती हैं जब वो कॉलेज से पासआउट होता है। आगे का क्या सोचा है?...
    पढ़ाई खत्म, हॉरर मूवी शुरू!
    कॉलेज की पढ़ाई के दौरान ही कुछ बच्चों को प्लेसमेंट मिल जाता है। वहीं कुछ को डिग्री पूरी होने के बाद जॉब मिल जाती है, लेकिन ज्यादातर स्टूडेंट्स ऐसे होते हैं जिनके पास आगे का कोई प्लान नहीं होता। ऐसे में पेरेंट्स को भी टेंशन होने लगती है। उनकी टेंशन उस वक्त और बढ़ जाती है जब रिलेटिव और पड़ोसी फ्यूचर प्लान के बारे में पूछते हैं। तब ऐसा लगता है मानो लाइफ में कोई हॉरर मूवी शुरू हो गई है। सवालों से बचने के लिए ज्यादातर स्टूडेंट्स मास्टर्स डिग्री या आगे पढ़ने के बारे में बोल देते हैं।
    आगे की स्लाइड्स पर जानिए ऐसी अन्य बातें जो कॉलेज पासआउट होने के बाद सामने आती हैं...
    (IAS के एग्जाम में पूछे जाते हैं ऐसे TRICKY सवाल, आपका भी चकरा जाएगा सिर, आखिरी स्लाइड में पढ़ें)
  • यकीन मानिए आप अकेले नहीं
    कॉलेज की पढ़ाई पूरी होने के बाद ऐसे स्टूडेंट्स जिनके पास कोई जॉब ऑफर या फ्यूचर प्लान नहीं है, उनमें आप अकेले नहीं हैं। कई ऐसे स्टूडेंट्स होते हैं जिन्हें अच्छे मार्क्स नहीं मिलते, जिसकी वजह से वो कई जगह पर जॉब के लिए अप्लाई नहीं कर पाते। हालांकि, मार्क्स कम आने से सिर्फ कुछ दरवाजे बंद होते हैं, खिड़कियां हमेशा खुली रहती हैं। ऐसे में जरूरी होता है किस कूल रहकर कोई डिसीजन लें।
  • प्लानिंग का नहीं होना
    कॉलेज से पासआउट होने के बाद ऐसे स्टूडेंट्स जिनके पास आगे की प्लानिंग नहीं होती ज्यादातर समस्याएं उन्हीं के साथ आती हैं। ऐसे स्टूडेंट्स का दिमाग फोकस्ड नहीं होता है। ये पढ़कर कुछ आए है, करना कुछ चाहते हैं और दिमाग में कुछ और ही होता है। वे सोचते हैं कि फिल्ममेकर बन जाऊं, कॉमेडियन बन जाऊं, ये दोनों काम शुरू कर दूं, या इसी तरह की दूसरी बातें। इस सब के बीच समय भी तेजी से निकलना शुरू हो जाता है और एक साल के बाद हजारों-लाखों स्टूडेंट्स पास होकर कॉम्पटीशन और ज्यादा टफ कर देते हैं। इस तरह से स्टूडेंट्स के मन में डर बैठने लगता है।
  • मस्ती के साथ प्लानिंग भी जरूरी
    यदि आप 20 के करीब हैं और कॉलेज से ग्रैजुएशन कर रहे हैं तो आने वाले कुछ साल आपकी लाइफ के सबसे अच्छे साल होंगे। हालांकि, ये वो समय होता है जब मस्ती-मजाक के साथ पढ़ाई के प्रति भी सीरियस रहना होता है। साथ ही, फ्यूचर प्लानिंग पर भी फोकस करना होता है। ये ऐसा समय है जब आपके पास अपने ड्रीम पूरा करने का मौका होता है। लाइफ में शायद इससे बेहतर मौका कभी मिलता भी नहीं है। यहां पर कई स्टूडेंट्स रिलेशनशिप में भी बंध जाते हैं।
  • खुद से लें डिसीजन
    कॉलेज से पास होने के बाद ये नहीं सोचना चाहिए कि आपके रिलेटिव और पड़ोसी क्या सोचते हैं। पेरेंट्स के मन में क्या है, इससे फर्क पड़ना चाहिए। ऐसे में क्या करना है इस बात का डिसीजन खुद से ही लेना चाहिए। इसका कंट्रोल किसी दूसरे को न दें। हालांकि, ये इतना आसान नहीं होता। फ्यूचर के बारे में सोचने से कई स्टूडेंट्स डर जाते हैं। ऐसे में अपने पर्सनल एक्सपीरियंस के आधार पर इस बात की प्लानिंग करना चाहिए को आपमें वो क्षमता है कि सारी परेशानियां ठीक कर सकते हैं। अब आपके लिए ऐसा समय आ चुका है जब कई अलग-अलग तरह की नौकरियां के लिए ट्राई करना है।
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