Hindi News »Self-Help »News» CAG Report Expoed Big Corruption In Jodhpur Railway Recruitment Board

रेलवे में अपनों को नौकरी देने का भ्रष्टाचार, स्टाफ के 8 हजार बच्चों को दे दी नियुक्तियां

जोधपुर रेलवे बोर्ड ने कर्मचारियों के बच्चों को नौकरी देने के लिए मनमर्जी के नियम बनाए और नियमों को 12 बार बदला गया।

प्रवीण धींगरा | Last Modified - Feb 21, 2016, 12:08 PM IST

जोधपुर.रेलवे में एक बड़ा घोटाला सामने आया है। बोर्ड ने कर्मचारियों के बच्चों को नौकरी देने के लिए मनमर्जी के नियम बनाए। यही नहीं नियमों को एक-दो नहीं, बल्कि 12 बार बदला गया। 7 हजार 860 बेटे-बेटियों को नियुक्ति दे दी। यह खुलासा नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट में हुआ।
पहले वीआरएस का नियम बदला गया। तर्क दिया कि ट्रेन और ट्रैक की सुरक्षा उम्रदराज कर्मचारियों के बूते की बात नहीं है। स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की उम्र 55 से घटाकर 50 कर दी। इसके बाद फिटनेस और सुरक्षा का यही तर्क उस वक्त गौण कर दिया गया, जब 5910 अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता ही नहीं जांची। यह मनमानी हर स्तर पर जारी रही। योजना सिर्फ लोको पायलट व गैंगमैन के लिए बनी थी, लेकिन अन्य श्रेणी के कर्मचारियों को भी फायदा दे दिया।
सीएजी ने 2 अक्टूबर 2004 से लागू गारंटीड एम्पलॉयमेंट फॉर सेफ्टी स्टाफ स्कीम के तहत जनवरी 2011 से मार्च 2014 के दौरान हुई इन 24 हजार 848 नियुक्तियों की जांच की है। अब तक जिन 10,086 नियुक्तियों के रिकॉर्ड खंगाले गए हैं, उनमें ही 7,860 नियुक्तियों में गड़बड़ियां मिली हैं।
केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) दिल्ली, जयपुर व पटना के बाद अब जोधपुर बेंच ने भी इसे असंवैधानिक करार दिया है और रेलवे बोर्ड से जवाब मांगा है। रेलवे के अतिरिक्त महानिदेशक (जनसंपर्क) अनिल कुमार सक्सेना ने इस मामले में कुछ कहने से इनकार कर दिया और कहा कि सीएजी की जांच पर रेलवे कमेंट नहीं कर सकता।
- चार साल में नौकरी पर रखे गए 25 हजार परिजन के मामलों की जांच कर रहा है सीएजी
- 72 मामले ऐसे हैं जिनमें न योग्यता देखी, न परीक्षा हुई और न ही फिजिकल टेस्ट
आगे की स्लाइड्स मेंपिता रिटायर हुए नहीं, बेटों को दी नियुक्ति, बेटा बर्खास्त तो रिटायर्ड पिता को बुला लिया, अयोग्य माना फिर विशेष अनुमति से नौकरी दे दी, 9 साल में 12 बार नियमों में किया बदलाव, अयोग्यों को "असाधारण परिस्थिति' बता लगाया, उम्र का तकाजा रेलवे रिव्यू कमेटी ही कर चुकी खारिज....
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×