(कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी का लोगो)
एजुकेशन डेस्क। यूनिवर्सिटी ऑफ कैंब्रिज जल्द ही भारत के साथ मिलकर प्राइमरी एजुकेशन में सुधार के लिए भारत सरकार का सहयोग करेगी। इस संबंध में यूनिवर्सिटी अधिकारियों की जानकारी के मुताबिक शिक्षा में सुधार लाने के लिए दोनों एकसाथ मिलकर ऐसे प्रोग्राम बनाएंगे जिससे शिक्षकों की गुणवत्ता और लर्निंग मोड को ज्यादा बेहतर बनाने में मदद मिले।
जानकारों का मानना है कि कैंब्रिज यूनिवर्सिटी और भारत की यह साझेदारी यूनेस्को के मानकों के आधार पर भारत की शिक्षा प्रणाली को और मजबूत आधार प्रदान करेगी। उधर, इसके साथ ही यूनिवर्सिटी ने भारत में प्राइमरी एजुकेशन के साथ ही समूची शिक्षा प्रणाली (जिसमें प्राथमिक से लेकर सेकेंड्री एजुकेशन सिस्टम शामिल है) पर कार्य करने का प्रस्ताव सरकार के सामने रखा है। हालांकि यूनिवर्सिटी सूत्रों ने कहा है कि उनका भारत में किसी भी तरह के स्कूल की स्थापना की कोई योजना नहीं है। यूनिवर्सिटी अधिकारियों ने कहा कि वे जल्द ही इस मुद्दे पर भारत सरकार के साथ ठोस बातचीत करेंगे।
भारतीय संस्थानों के साथ पहले से ही है संबंध : गौरतलब है कि कैंब्रिज यूनिवर्सिटी भारत में पहले ही यहां के कुछ उच्च शिक्षा संस्थानों के साथ सहयोग कर रही है। जबकि कुछ राष्ट्रीय संस्थानों जैसे नेशनल सेंटर फॉर बायोलॉजिकल साइंसेस बेंगलुरु के साथ भी एक रिसर्च कार्य पर समझौता किया हुआ है। बता दें कि वर्तमान में कैंब्रिज यूनिवर्सिटी भारतीय साइंस शिक्षण संस्थानों के साथ 270 प्रोजेक्ट पर कार्य कर रही है। ताजा यूनिवर्सिटी रैंकिंग के मुताबिक कैंब्रिज यूनिवर्सिटी का दुनिया के शिक्षण संस्थानों में पांचवा स्थान है। इस लिस्ट में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी पहले, स्टेनफोर्ड दूसरे, मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी तीसरे और यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया चौथे पायदान पर है।