(सांकेतिक फोटो)
एजुकेशन डेस्क। टेक्नोलॉजी के बढ़ते उपयोग और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में इजाफा होने से लिंगग्विस्टिक्स में प्रशिक्षित लोगों की मांग बड़े स्तर पर हो रही है। लिंगग्विस्टिक्स स्पेशलिस्ट सरकारी विभाग एजेंसियों, शिक्षा स्वास्थ्य क्षेत्रों, मीडिया एडवरटाइजिंग, सॉफ्टवेयर कंपनियों, ट्रांसलेशनल सर्विस जैसे अनेक फील्ड्स में काम कर सकते हैं।
लिंग्विस्टिक्स एक ऐसी साइंस है, जो किसी भाषा के सामाजिक, एेतिहासिक, राजनीतिक, बायोलॉजिकल, साइकोलॉजिकल और आर्थिक पहलू का अध्ययन करती है। लिंग्विस्टिक्स शब्द लैटिन भाषा के लिंगुआ (जुबान) और इस्टिक्स (ज्ञान या विज्ञान) से मिलकर बना है। लिंग्विस्टिक्स का ताल्लुक किसी भी भाषा की संरचना और उसके विकास के साथ-साथ दूसरी भाषाओं के साथ उसके संबंध से होता है। मोटे तौर पर, लिंग्विस्टिक्स मानवीय भाषा, उसकी ध्वनि, संरचना, अर्थ और कार्य का अध्ययन होता है।
भाषा का मानव के मस्तिष्क, समाज और अन्य भाषाओं के साथ संबंध का आलोचनात्मक विश्लेषण लिंग्विस्टिक्स में किया जाता है। एक लिंगग्विस्ट भाषाओं को जोड़ने वाले सामान्य तत्वों को पहचानने और आर्कियोलॉजी, एंथ्रोपॉलॉजी, मनोविज्ञान, दर्शनशास्त्र, सामाजिक विज्ञान, अंग्रेजी, कम्प्यूटर साइंस और मानव से जुड़े सभी विषयों में इसके महत्व को समझने की कोशिश करता हैं।
क्वालिफिकेशन : लिंग्विस्टिक्स के क्षेत्र में देश भर की यूनिवर्सिटीज और कॉलेजों में ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री के साथ कई डिप्लोमा प्रोग्राम भी चलाए जाते हैं। स्नातक स्तर के प्रोग्राम में दाखिला लेने के लिए बारहवीं होना आवश्यक है। वहीं स्नातकोत्तर प्रोग्राम में प्रवेश लेने के लिए लिंग्विस्टिक्स या अन्य किसी विषय में ग्रेजुएशन होना आवश्यक है। लिंग्विस्टिक्स में मास्टर्स डिग्री लेने के बाद एमफिल या पीएचडी का विकल्प भी चुना जा सकता है।
काम के अवसर : करियर के अवसर मुख्य तौर पर रिसर्च और शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्ध हैं। इसके अलावा ये प्रोफेशनल्स ऑडियोलॉजिस्ट, कम्युनिकेशन डिसऑर्डर स्पेशलिस्ट, ब्रॉडकास्टर, न्यूज रीडर, कॉपी राइटर, टेक्निकल राइटर, ट्रांसलेटर, प्रकाशक, इंटरप्रिटर, लैंग्वेज प्लानर, लेक्सिकोग्राफर, टीचर, साइको लिंगग्विस्ट, टूर ऑपरेटर, रिसर्चर आदि के तौर पर भी अपने लिए रोजगार तलाश सकते हैं। सरकारी के साथ निजी क्षेत्र में भी रोजगार के ढेरों अवसर मौजूद हैं। यही नहीं डब्ल्यूएचओ, यूएन, नाटो जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों के अलावा टीचिंग, बैंकिंग, अस्पताल, पर्यटन, प्रकाशन, मीडिया जैसे क्षेत्रों में भी संभावनाएं उपलब्ध हैं।
वेतन : वेतन का स्तर आप के काम की प्रकृति और स्थान पर निर्भर करता है। आमतौर पर शुरुआत में आप 10,000 से 15,000 रुपए प्रतिमाह का वेतन प्राप्त कर सकते हैं। शिक्षण के क्षेत्र में यह 15,000 से 20,000 रुपए प्रतिमाह तक हो सकता है, ट्रांसलेटर के तौर पर काम कर रहे प्रोफेशनल्स को प्रति पेज के हिसाब से भुगतान किया जाता है वहीं एक इंटरप्रिटर को प्रति घंटे के आधार पर भुगतान किया जाता है।
इन संस्थानों से कर सकते हैं पढ़ाई
- जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ लैंग्वेज, लिटरेचर एंड कल्चर स्टडीज
- यूनिवर्सिटी ऑफ हैदराबाद सेंटर फॉर एप्लाइड लिंग्विस्टिक्स एंड ट्रांसलेशन स्टडीज
- यूनिवर्सिटी ऑफ कोलकाता
- केरल यूनिवर्सिटी, डिपार्टमेंट ऑफ लिंगग्विस्टिक्स