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इंजीनियरिंग के साथ पढ़ सकते हैं एकाउंट, नए सेशन से लागू होगा चॉइस बेस्ड सिस्टम

6 वर्ष पहले
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यदि आप नए सेशन से कॉलेज या यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने जा रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) नए सेशन से कॉलेज और यूनिवर्सिटीज में चॉइस बेस्ड सिस्टम (सीबीसीएस) लागू करने जा रहा है। इस सिस्टम के लागू होने के बाद हर स्टूडेंट एक स्ट्रीम के साथ दूसरे स्ट्रीम के सब्जेक्ट की पढ़ाई भी कर सकेगा। इसके तहत कोई स्टूडेंट इंजीनियरिंग के साथ एकाउंट या फाइनेंस जैसे सब्जेक्ट की पढ़ाई कर सकता है। यूजीसी ने यूनिवर्सिटीज को इस संबंध में जो निर्देश जारी किए हैं, उसका उद्देश्य छात्रों को मल्ट्रीपर्पज बनाना है।
सीबीसीएस है ग्लोबल काॅन्सेप्ट
विदेशों में चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम लागू है। इससे दूसरे इंस्टीट्यूट में ट्रांसफर करना आसान है। इसके तहत कॉलेजों को नए कोर्स लागू करना होगा। यूनिवर्सिटीज को लैब वर्क, असाइनमेंट, सेल्फ स्टडी, फील्ड, प्रोजेक्ट वर्क भी शामिल करने होंगे। हर सेमेस्टर के अंत में स्टूडेंट्स को ग्रेड कार्ड सर्टिफिकेट दिया जाएगा।
ऐसा रहेगा सब्जेक्ट सिलेक्शन का ऑप्शन
>> स्टूडेंट सीबीसीएस में एक स्ट्रीम में एडमिशन लेने के साथ दूसरी स्ट्रीम के सब्जेक्ट की पढ़ाई कर सकेंगे।
>> संबंधित विभाग, जिसके लिए स्टूृडेंट ने चाॅइस फिल किए हैं, वे क्लास भी जाॅइन कर सकेंगे।
>> इस सिस्टम के तहत स्टूडेंट्स को अधिकतम दो सब्जेक्ट सिलेक्ट करने का ऑप्शन मिलेगा।
>> नॉन टेक्निकल कोर्स में साइंस के स्टूडेंट्स आर्ट्स या कॉमर्स के सब्जेक्ट भी सिलेक्ट कर सकेंगे।
ग्रेडिंग सिस्टम
आउटस्टैंडिंग10
एक्सीलेंट09
वेरीगुड08
गुड07
अबव एवरेज06
एवरेज05
पास04
फेल00
अबसेंट00