(फाइल फोटो: मैनिट, भोपाल)
भोपाल। मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) की लाइब्रेरी का उपयोग अब संस्थान के छात्रों के साथ ही शहर के अन्य इंजीनियरिंग कॉलेजों के छात्र आम लोग भी कर सकेंगे। संस्थान के प्रबंधन ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। इस लाइब्रेरी में इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट के साथ ही साइंस, आर्ट्स, कॉमर्स, इकॉनॉमिक्स और लिटरेचर की किताबें भी रहेंगी। नए रूप और नई सुविधाओं के साथ लाइब्रेरी अगले छह महीने में ओपन कर दी जाएगी।
मैनिट के छात्रों और बाहरी लोगों के लिए लाइब्रेरी का समय अलग-अलग रहेगा। बाहरी लोगों के लिए इसकी मेंबरशिप की राशि जल्द ही तय की जाएगी। व्यक्तिगत मेंबरशिप के साथ ही इंडस्ट्री और अन्य संस्थानों को इंस्टिट्यूशनल मेंबरशिप का प्रावधान किया जाएगा। मेंबर को एक बार में कितनी किताबें दी जाएंगी, इसका फैसला भी अभी लिया जाना है। लाइब्रेरी में ऑनलाइन रिसर्च जर्नल की भी सुविधा रहेगी। हालांकि लाइब्रेरी में ज्यादातर किताबें इंजीनियरिंग की ही होंगी। लेकिन अन्य विषयों के पाठकाें की रुचि के अनुसार किताबें रखने का निर्णय लिया गया है।
लाइब्रेरी को कर रहे डिजिटलाइज्ड
मैनिट डायरेक्टर प्रो. अप्पू कुट्टन के अनुसार लाइब्रेरी को डिजिटलाइज्ड कर आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है। लाइब्रेरी को एक तरह से मॉडल के रूप में डिजाइन किया जा रहा है। छात्रों के लिए सब्जेक्ट के नॉलेज के लिए सीडी और डीवीडी भी उपलब्ध रहेगी। लाइब्रेरी के स्टाफ को आईआईएफएम और इसी स्तर के अन्य संस्थानों की लाइब्रेरी में ट्रेनिंग के लिए भेजा जाएगा।
एनबीए की टीम जता चुकी है नाराजगी
मैनिट ने लाइब्रेरी को अपग्रेड करने का निर्णय नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रेडिटेशन की टीम के दौरे और संस्थान की बोर्ड ऑफ गवर्नर (बीओजी) के पूर्व चेयरमैन जीके मेहता की नाराजगी के बाद लिया है। दोनों लाइब्रेरी की खराब स्थिति पर असंतोष जता चुके हैं।
छह साल बाद भी किताब चोरी का पता नहीं चला
बीओजी के सदस्यों ने मैनिट की लाइब्रेरी से वर्ष 2008 में करीब डेढ़ करोड़ रुपए की किताबों की चोरी पर भी संस्थान के रजिस्ट्रार से जवाब मांगा है। इधर, डायरेक्टर का कहना है कि ईओडब्ल्यू ने मामला कमला नगर पुलिस को सौंप दिया है। थाने की रिपाेर्ट पर कार्रवाई की जाएगी।