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मैनिट के नैनो सेटेलाइट प्रोजेक्ट को मिली गति, इसरो ने मांगी रिपोर्ट

7 वर्ष पहले
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(फाइल फोटो)

भोपाल। मंगलयान की सफलता के साथ ही मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) के नैनो सेटेलाइट प्रोजेक्ट को भी गति मिल गई है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (इसरो) ने हाल ही में मैनिट से नैनो सेटेलाइट प्रोजेक्ट की रिपोर्ट मांगी है। मैनिट अब आगामी 15 अक्टूबर तक इसरो को प्रोजेक्ट का डॉक्यूमेंटेशन भेजने की तैयारी कर रहा है। प्रोजेक्ट पसंद आने पर इसरो अगली प्रक्रिया के लिए टाइमलाइन तय करेगा।

इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे इलेक्ट्रिकल विभाग के प्रोफेसर डॉ. शैलेंद्र जैन के अनुसार हाल ही में इसरो के वैज्ञानिक डॉ. राघवमूर्ति ने मैनिट से संपर्क कर प्रोजेक्ट की ताजा स्थिति की जानकारी ली थी। इससे पहले उन्होंने मैनिट को प्राेजेक्ट में बदलाव करने का सुझाव दिया था। उनके सुझाव के आधार पर मैनिट ने जो बदलाव किया है वो इसरो को पसंद आने की संभावना जतायी जा रही है।

डॉ. जैन ने बताया कि आधिकारिक तौर पर प्रोजेक्ट पर आगे काम करने के लिए मैनिट और इसरो के बीच एमओयू किया जाएगा। इस सेटेलाइट को तैयार करने में मैनिट के इलेक्ट्रिकल के अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स, कंप्यूटर साइंस, सिविल और केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के 40 से ज्यादा विद्यार्थियों की टीम सहयोग कर रही है। इस पूरे प्रोजेक्ट को खुद मैनिट डायरेक्टर प्रो. अप्पू कुट्टन लीड कर रहे हैं।

मैनिट के इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य सूर्य से निकलने वाली एक्सट्रीम अल्ट्रा वायलेट किरणों का एनालिसिस करना है। प्रो. जैन ने बताया कि यह किरणें धरती तक नहीं पाती हैं। इससे अभी यह पता नहीं चल पाया है कि इन किरणों से पृथ्वी के वायुमंडल को फायदा है या नुकसान। इसी का पता लगाने के लिए मैनिट नैनो सेटेलाइट में एक टेलीस्कोप लगाएगा, जो इन किरणों को कैप्चर करेगा। इसरो से प्राेजेक्ट अप्रूव होने के बाद मैनिट इन किरणों के अध्ययन के लिए एक साॅफ्टवेयर खरीदेगा। इसकी कीमत 40 लाख के आसपास बताई जा रही है।
अब तक इस दिशा में कोई भी संस्थान काम नहीं कर रहा है। इसके साथ ही इस प्रोजेक्ट से छात्रों को कई स्तर पर फायदा होगा। छात्रों को इससे कम्युनिकेशन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मदद मिलेगी। इस सेटेलाइट के माध्यम से छात्र हर समय संस्थान की फैकल्टी से संपर्क में रह सकेंगे। इसके अलावा मैनिट प्रोफेसरों के व्याख्यान के वीडियो भी इस सेटेलाइट के माध्यम से दुनियाभर में देखे जा सकेंगे।