(फोटो: आयुषी मालवीय, पारुल गुप्ता और श्रीमती बास्कर)
इंदौर। कॉम्पीटिटिव एनवायर्नमेंट में सरवाइव करने के लिए रिसर्च बहुत जरूरी है। रिसर्च के बाद रिजल्ट आने से स्ट्रेटजी को प्लान करके इम्प्लीमेंट किया जा सकता है। इसकी बेहतर समझ के लिए एकेडमिक्स इंडस्ट्री कोलेब्रेशन जरूरी है। इससे स्टूडेंट्स को प्रैक्टिकल नॉलेज मिलतै है जिसे वे अपनी रिसर्च को और बेहतर बना सकते हैं।
यह कहना है कॉग्निजेंट इंडिया चेन्नई के टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट के सीनियर डायरेक्टर डॉ. सुब्रमण्य आर. राव का। वे शुक्रवार को इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, इंदौर की ओर से शुरू हुई एकेडमिया कॉन्क्लेव में आईआईटियंस को संबोधित कर रहे थे।
कॉन्क्लेव की थीम नर्चरिंग एंड यूनिफाइंग साइकल
टेक्नोलॉजी, इंडस्ट्री एंड रिसर्च थी। डॉ. राव ने कहा कि जब वे पीएचडी कर रहे थे उस समय इस प्रकार की कॉन्क्लेव नहीं होती थी लेकिन अब हो रही हैं जो स्टूडेंट्स के लिए अच्छी बात है।
कंपनी और कॉलेज के बीच ब्रिजकॉन्क्लेव में
माइक्रोसॉफ्ट स्टूडेंट एसोसिएट आईआईटी, इंदौर की आयुषी मालवीय, पारुल गुप्ता और बास्कर ने भी पार्टिसिपेट किया। उन्होंने बताया कि बतौर एसोसिएट वे कंपनी और कॉलेज के बीच ब्रिज का काम करते हैं। स्टूडेंट्स को टेक्नोलॉजी के बारे में जानकारी देने के लिए कॉलेज में लैक्चर्स कंडक्ट कराते हैं। वे कंपनी से डायरेक्ट कम्यूनिकेट भी कर सकते हैं।
वेबीनार्स से दे रहे ट्रेनिंग
हैदराबाद से आए माइक्रोसॉफ्ट इंडिया के रमेश चंडक ने बताया कि माइक्रोसॉफ्ट द्वारा विभिन्न कॉलेजों में इनोवेशन सेंटर्स ओपन किए गए हैं। इसकी मदद से एजुकेशन, इनोवेशन, एंटरप्रेन्योरशिप और एम्पलॉयबिलीटी स्किल्स की ट्रेनिंग दी जा रही है। उन्होंने बताया कि माइक्रोसॉफ्ट स्टूडेंट एसोसिएट भी नॉमिनेट किए जाते हैं जो डायरेक्ट कंपनी से कम्यूनिकेट कर सकते हैं।
स्टूडेंट्स को एडवांस्ड टेक्नोलॉजी के बारे में जानकारी देने के लिए वेबीनार्स कंडक्ट कराए जाते हैं। इसमें एक्सपर्ट लाइव लेक्चर्स लेते हैं। उन्होंने कहा कि अगर एडवांस्ड टेक्नोलॉजी के बारे में बता रहे हैं तो उसे यूज करके भी बताना होगा।