एजुकेशन डेस्क। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) एडमिशन क्राइटेरिया में टॉप-20 परसेंटाइल की बाध्यता की शर्तों में बदलाव करने की सोच रहा है। आईआईटीज का मानना है कि इस क्राइटेरिया की वजह से बहुत सारे योग्य कैंडिडेट्स आईआईटी में एडमिशन पाने से वंचित रह जाते हैं।
पिछले सप्ताह मुंबई में आईआईटीज के ज्वाइंट एडमिशन बोर्ड की बैठक में इस बात पर गंभीरता से विचार किया गया है। बता दें कि जेएबी- जो कि सभी आईआईटी संस्थानों के हेड का ग्रुप माना जाता है। बैठक के दौरान मौजूदा प्रक्रिया में सुधार की जरूरत पर जोर दिया गया। बैठक में शामिल लोगों का मानना था कि इस नियम की वजह से कुछ योग्य स्टूडेंट्स एंट्रेंस टेस्ट पास होने के बावजूद परसेंटाइल की वजह से आईआईटी में दाखिला नहीं ले पातें हैं। इसलिए इस प्रक्रिया में सुधार की आवश्यकता है।
माना जा रहा है कि ज्वाइंट एडमिशन बोर्ड इस प्रस्ताव पर 22 सितंबर को होने वाली आईआईटी अगली काउंसिल की बैठक में विचार करेगी। इस बैठक में मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी भी प्रमुखता से मौजूद रहेंगी।