(फोटो: आरजीपीवी के आंचलिक केंद्र उद्घाटन के दौरान तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्त व अन्य गेस्ट)
भोपाल। आईपीएस एकेडमी इंदौर में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान राजीव गांधी प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी के पहले आंचलिक केंद्र का उद्घाटन हुआ। केंद्र का उद्घाटन तकनीकी शिक्षा एवं कौशल मंत्री उमाशंकर गुप्त ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आरजीपीवी के कुलपति पियूष त्रिवेदी ने की। इस दौरान मुख्य अतिथियों ने आंचलिक केंद्र को छात्रों के लिए बहुद्देश्यीय बताते हुए कहा कि इस केंद्र की वजह से अब इंदौर संभाग के छात्रों को आरजीपीवी से जुड़े कार्यों के लिए बार-बार भोपाल आने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
उमाशंकर गुप्त ने केंद्र संचालन में आवश्यक संसाधनों की आपूर्ति का भरोसा देते हुए कहा कि विशेषज्ञों की सहायता से इस केंद्र को अधिक उपयोगी बनाया जाएगा ताकि छात्रों एवं संस्थाओं के हित में निश्चित समय सीमा के भीतर कार्य निष्पादन हो सके। गुप्ता ने बताया कि प्रदेश में कुल 6 आंचलिक केंद्र शुरू किया जाना प्रस्तावित है। इस कड़ी में इंदौर केंद्र प्रदेश का पहला आंचलिक केंद्र है। इस दौरान गुप्ता ने प्रदेश के तकनीकी संस्थानों में छात्रों के दाखिले में कमी को लेकर चिंता भी प्रकट की। उन्होंने दाखिले में कमी का कारण जानने और इसके समाधान खोजने की बात कही।
कार्यक्रम को आरजीपीवी कुलपति प्रो. त्रिवेदी ने संबोधित करते हुए कहा कि इस केंद्र के माध्यम से इंदौर के छात्र प्रोविजनल उपाधि, माइग्रेशन, डुप्लीकेट अंकसूची या अंकसूची सुधार आदि के आवेदन केंद्र के माध्यम से करवा सकते हैं। इसके अतिरिक्त यूनिवर्सिटी की ओर से ऑनलाइन कक्षाओं आदि की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व अधिक होने के बाद भविष्य में इस केंद्र में समिति की बैठकों का आयोजन भी किया जाएगा। इस दौरान कुलपति त्रिवेदी ने अचल चौधरी के प्रयासों और आईपीएस एकेडमी की सराहना भी की।
कार्यक्रम के अंत में कुलसचिव डॉ. एकेएस भदौरिया ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए अचल चौधरी का विशेष आभार माना। कार्यक्रम के दौरान डॉ. धर्मेश शुक्ला, डॉ. पंकज जैन, सतीश जैन, वीरेन्द्र भदौरिया आदि प्रमुख रूप से मौजूद थे।