(राजगीर में दीप जलाकर उद्घाटन करतीं विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और बिहार के मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी)
बिहारशरीफ। केंद्र सरकार अगले दस साल में नालंदा विश्वविद्यालय के विकास पर 27 हजार 727 करोड़ रुपए खर्च करेगी। शुक्रवार को विश्वविद्यालय के औपचारिक उद्घाटन के दौरान विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने यह घोषणा की। स्वराज ने मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी द्वारा राजगीर में हवाईअड्डे की जरूरत पर भी अपनी सहमति जताई। कहा कि यहां अंतर्राष्ट्रीय स्तर का हवाईअड्डा जरूरी है, ताकि यहां आने वाले लोगों को सुविधा हो।
बिहार के लिए गौरव की बात
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बिहार के लिए गौरव का दिन है। नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए विधान मंडल से सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित हुआ था। संसद ने इसे मंजूरी दी। केंद्र सरकार एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोग से इस विश्वविद्यालय को स्थापित किया जा सका। केंद्र सहयोग करे, तो विश्वविद्यालय के आसपास के गांवों का विकास होगा। नालंदा में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा की भी स्थापना की जाएगी। इससे बिहार में पर्यटन का विकास होगा। बिहार सरकार ने विश्वविद्यालय के लिए 486 एकड़ जमीन दी है। अभी और एक सौ एकड़ जमीन दी जाएगी।
नालंदा फिर से ज्ञान का केंद्र बनेगा।
दलगत भावना से उठकर दिया अंतरराष्ट्रीय स्वरूप
स्वराज ने बताया कि 2007 में बिहार विधानसभा से नालंदा विवि का प्रस्ताव पारित हुआ था। लेकिन, केंद्र को लगा कि इसे राज्य या देश की की परिधि में बांधना अन्याय होगा। संसद में दलगत राजनीति से ऊपर उठ कर सभी ने इसे अंतरराष्ट्रीय स्वरूप देने के लिए विदेश मंत्रालय के प्रस्ताव को पारित कर दिया। एक वोट भी विरोध में नहीं पड़े।
बिहार नहीं पूरे देश का गौरव
विदेश मंत्री ने कहा कि इस विवि से सिर्फ पूर्वी एशिया ही नहीं, बल्कि बांग्लादेश सहित दुनिया के कई देश जुड़ना चाहते हैं। नालंदा ने सिर्फ बिहार और भारत, बल्कि पूरी दुनिया को ज्ञान का रास्ता दिखाया था। यह देश के लिए गौरव की बात है। विश्व के अन्य देशों से बिहार के संपर्क की यह शुरुआत है। यहां आधारभूत संरचना का विकास होगा तथा पूरे इलाके की समृद्धि बढ़ेगी।
फिर फिसली मुख्यमंत्री की जुबान
मुख्यमंत्रीजीतन राम मांझी की जुबान एक बार फिर फिसल गई। विश्वविद्यालय के औपचारिक उद्घाटन समारोह में उन्होंने तक्षशिला विवि को बिहार में बता दिया, जो कि पाकिस्तान में है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नालंदा विवि ही नहीं विक्रमशिला और तक्षशिला विश्वविद्यालय के विकास के लिए भी सजग है।