एजुकेशन डेस्क। एग्जाम काउंटडाउन शुरू हो चुका है और बोर्ड परीक्षाएं महज अब कुछ दिनों की दूरी पर हैं। पूरे सिलेबस को कवर करने के साथ उसे दोहराने की जद्दोजहद चरम पर है। आख़िरी कुछ दिन तैयारी के लिहाज से बेहद अहम है, खासतौर पर रिवीजन के लिए। इस महत्वपूर्ण तैयारी के लिए एक्सपर्ट्स का यह मार्गदर्शन (साइंस विषयों के लिए) परीक्षा केे बचे हुए दिनों में विशेष रूप से आपकी मदद करेगा। हम बायोलॉजी, फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ आदि की तैयारी के साथ अन्य एग्जाम टिप्स भी बता रहे हैं।
(एजुकेशन, जॉब की खबरों को पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें) इसलिए स्मार्ट प्लानिंग जरूरी
तैयारी के आखिरी हफ्ते की प्लानिंग पहले ही कर लें। किस टॉपिक को कितना वक्त देना है यह तय करें और निश्चित समय सीमा में दूसरे टॉपिक पर स्विच करें। सिलेबस और अपनी कुशलताओं को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लें। यह सुनिश्चित करें कि सभी सेक्शंस के लिए आपने समय निकाला हो। डायग्राम, टेबल्स या ग्राफ्स की अनदेखी न करें। अच्छी तैयारी और एग्जाम रेडी होना दो अलग-अलग बातें हैं। पुराने पेपर सॉल्व करना आपको एग्जाम रेडी बना देगा क्योंकि हर साल काफी सारे सवाल पेपर में दोहराए जाते हैं, लेकिन अच्छी तैयारी आपके स्कोर को उच्चतम स्तर पर पहुंचाने में मदद करेगी। विशिष्ट फॉर्मूला, नोट्स व डेट्स को याद रखना सभी विषयों के लिए जरूरी है।
सही प्रजेंटेशन की अहमियत
अपनी राइटिंग स्टाइल का ध्यान रखना भी जरूरी है। साल भर की तैयारी को कागज पर प्रस्तुत करने का तरीका स्कोर को कम-ज्यादा कर सकता है। जो कुछ भी आपने पढ़ा उसे सबसे अच्छी तरीके के साथ प्रजेंट करने पर भी आपका फोकस होना चाहिए। जवाब लिखते समय इस बात का ख्याल रखें कि सारे उत्तर परीक्षक को स्पष्ट रूप से समझ आ रहे हों। भले ही आपकी जानकारी कितनी भी अच्छी क्यों न हो, लेकिन अगर जवाबों में आप अपनी बात नहीं समझा पाएंगे तो इसका जवाब स्कोर पर पड़ेगा। परीक्षक से जवाबों के जरिए संवाद के लिए अपनी राइटिंग स्किल्स का इस्तेमाल करें। जवाब स्पष्ट, सही व संक्षिप्त रखें, जहां जरूरत हो वहां उपयुक्त लॉजिक्स के साथ विस्तृत उत्तर दें।
बायोलॉजी : डायग्राम का अच्छा अभ्यास करें
>> साइंस की कोई भी परिभाषा अपने शब्दों में न लिखें। याद रखें परिभाषाओं को अपने शब्दों में लिखने का प्रयास अर्थ का अनर्थ कर सकता है।
अगर आपका मन साइंस के विषयों को मुश्किल मान लेता है तो वे आपको और ज्यादा कठिन लगने लगेंगे। वहीं, अगर इन्हें कठिन न मानकर मूलभूत सिद्धांतों को याद करते हुए तथ्यों को समझा जाए तो विषय स्वत: सरल लगने लगेंगे। दूसरी महत्वपूर्ण बात यह है कि बेशक समझने के लिए आप भाषा का सरलीकरण कर लें लेकिन परीक्षा में लिखते समय किताबी भाषा का ही इस्तेमाल करें। साथ ही संक्षिप्त उत्तर वाले प्रश्नों के जवाब एक शब्द या एक वाक्य में निर्देशानुसार ही लिखने चाहिए और अधिक जानकारियां देने में समय बर्बाद करने से बचना चाहिए। बायोलॉजी में डायग्राम काफी महत्व रखते हैं। डायग्राम के साथ कैप्शन जरूर लिखें।
बेहतर अंकों के लिए यह भी कर सकते हैं
अच्छे अंक पाने के लिए वर्ष 2009-13 तक के प्रश्नपत्रों का अध्ययन करें। साथ ही एनसीईआरटी की किताबें पढ़ें।
डायग्राम से याद करें टॉपिक
डायग्राम याद करने के लिए एनसीईआरटी की किताबें देखें क्योंकि इनमें हर टॉपिक को चित्रों के जरिए बेहतर ढंग से समझाया गया है।
अगर हो औसत तैयारी
जिन स्टूडेंट्स ने परीक्षा की औसत तैयारी की है वे इंटर काउंसिल के मॉडल आन्सर पेपर से भी प्रैक्टिस कर सकते हैं। वहीं अगर किसी टॉपिक को समझने में दिक्कत आ रही है तो उससे जुड़े महत्वपूर्ण बिंदु नोट कर उन्हें पढ़ें।
आसान, लेकिन महत्वपूर्ण टॉपिक
मेन्स्ट्रूअल साइकल, बर्थ कंट्रोल, क्रोमोजोम से जुड़े टॉपिक (डीएनए स्ट्रक्चर, रेप्लिकेशन, ट्रांसक्रिप्शन आदि) डीएनए फिंगर प्रिंटिंग, कॉमन डिजीजेज (मलेरिया, डेंगू, कैंसर, एड्स) ड्रग एंड अल्कोहल अब्यूज।
क्विक टिप्स :
>> वेल्यू बेस्ड सवालों पर फोकस करें।
>> सभी सेक्शंस को व्यवस्थित रूप में हल करें। एक बार में एक सेक्शन पूरा करें।
>> एनसीईआरटी किताबों के कंटेंट पर बेहतर ढंग से ध्यान दें।
>> डायग्राम्स स्कोर बढ़ाने में मददगार होते हैं। इसलिए ड्रॉइंग व लेबलिंग को लेकर खासतौर पर सजग रहें।
एक्सपर्ट : प्रो. एमपी त्रिवेदी, एसोसिएट प्रोफेसर (बॉटनी) पटना साइंस कॉलेज
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