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कलेक्टर ने हटाया बच्चों के कंधों से स्कूल बैग का वजन, ऐसे दिया फायदा

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के कलेक्टर राजेश सिंह राणा ने यह अनोखी शुरुआत की है।

dainikbhaskar.com| Last Modified - Jul 28, 2016, 12:39 PM IST

Children will not carry School Bag in Balod (CG)
कलेक्टर ने हटाया बच्चों के कंधों से स्कूल बैग का वजन, ऐसे दिया फायदा
एजुकेशन डेस्क। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के कलेक्टर राजेश सिंह राणा ने यह अनोखी शुरुआत की है। राणा ने छोटे बच्चों को स्कूल बैग्स से मुक्त कर दिया है। यानी अब इन स्टूडेंट्स को बैग लेकर स्कूल आने की जरूरत होती है।
 
कलेक्टर राजेश सिंह राणा ने कहा, "हमने जिले के 50 स्कूलों के 2,313 बच्चों को बस्ता के बोझ से मुक्त करा दिया है। अब बच्चे बिना बस्ता के रोज हंसते-खेलते स्कूल जाते हैं। अब उन्हें भारी-भरकम बस्ता उठाकर स्कूल जाने का डर नहीं सताता है।" बालोद जिले में प्राथमिक शाला के क्‍लास पहली से पांचवीं तक के बच्चों को स्कूल आते-जाते समय अब बस्ता के बोझ से मुक्त करने की नई पहल शुरू की गई है।
 
स्‍कूल में ही रहेंगे बैग्स :
 
जिले के पांचों विकासखंड की चुनी गई दस-दस प्राथमिक शालाओं सहित कुल पचास प्राथमिक शालाओं में बच्चों की पुस्तकें, नोटबुक आदि रखने के लिए सभी क्‍लास में रैक बनाई गए है। रैक में बच्चों के नाम लिखे गए हैं। सभी बच्चों को दो-दो सेट पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं। एक सेट पुस्तक घर पर और एक सेट पुस्तक रैक में रखी गई है। बच्चे होमवर्क मिलने पर सिर्फ नोटबुक लेकर घर जाते हैं और नोटबुक लेकर स्कूल आते हैं।
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