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इन स्किल्स को डेवलप करके बनिए एप्लीकेशन डेवलपर, मौकों की कमी नहीं

करियर डेस्क। मौजूदा दौर में मोबाइल एप्लीकेशन डेवलपमेंट एक ऐसी फील्ड बन चुकी है जिसमें जॉब, पार्ट टाइम जॉब और फ्रिलांसिंग के मौकों की कमी नहीं। अपने बिजनेस को चलाने के लिए हर कोई एप लांच कर रहा है। एप्पल के प्रोडक्ट मैनेजर (बैंगलोर) सिद्धार्थ राजहंस बता रहे हैं कैसे एप्लीकेशन डेवलपर बनकर सक्सेस पाई जा सकती है। फील्ड में आने के लिए ये 3 बातें जरूरी - क्या आप टेक्नोलॉजी फ्रेंडली हैं ? - क्या आपका बिजनेस माइंड है ? यानि आप तेजी से बदल रहे मार्केट की जरूरतों को समझ पा रहे हैं। - आपके पास इनोवेटिव आईडिया है ? आप कुछ नया करने का सोचते रहते हैं।

dainikbhaskar.com | Last Modified - Oct 06, 2016, 12:05 AM IST

  • करियर डेस्क।अपने बिजनेस को चलाने के लिए बड़ी तेजी से एप लांच किए जा रहे हैं।इसलिए आज मोबाइल एप्लीकेशन डेवलपमेंट में फुल टाइम जॉब्स के अलावा पार्ट टाइम और फ्रिलांसिंग के काफी नए मौके क्रिएट हो रहे हैं। बैंगलोर में कार्यरत एप्पल के प्रोडक्ट मैनेजर सिद्धार्थ राजहंसबता रहे हैं कि कैसे एप्लीकेशन डेवलपमेंट के फील्ड में करियर बनाया जा सकता है।

    फील्ड में आने के लिए ये 3 बातें जरूरी
    > टेक्नोलॉजी फ्रेंडली होना जरूरी है।
    > बिजनेस माइंडेड होना चाहिए और तेजी से बदल रहे मार्केट की जरूरतें समझते हों।
    > आपके पास इनोवेटिव आइडिया होना चाहिए।
    कैसे बन सकते हैं डेवलपर

    > मोबाइल एप्लीकेशन डेवलपमेंट का सर्टिफिकेट कोर्स करना होगा।
    गूगल करवा रहा है कोर्स

    > इस समय सबसे ज्यादा एप्स गूगल के एंड्राइड प्लेटफार्म पर चल रही हैं। इसलिए जॉब्स के मौके भी एंड्राइड में ज्यादा है। इसके लिए गूगल भी कोर्स ऑफर कर रहा है। एंड्राइड डेवलपर बनने के लिए इस कोर्स की फीस सिर्फ 1200 रुपए साल की है। यह फीस जमा करके आप गूगल प्ले स्टोर के माध्यम से एंड्रॉइड डेवलपमेंट की ऑनलाइन स्टडी कर सकते हैं।
    > इनके अलावा आप developer.android.com, www.udemy.com, www.coursera.org पर भी ऑनलाइन ही एंड्रॉइड डेवलपिंग सीख सकते हैं।
    आगे की स्लाइड में जानिए कहां से कर सकते हैं शुरुआत ...
  • स्टार्टअप्स में लें एक्सपीरियंस ...

    सर्टिफिकेट प्रोग्राम करने के बाद किसी कंपनी में इंटर्नशिप करके एक्सपीरियंस लिया जा सकता है। स्टार्टअप्स खासतौर पर एक्सपीरियंस लेने के लिए बड़ा प्लेटफॉर्म बन चुके हैं। 70 परसेंट स्टार्टअप्स वेबसाइट, एप बेस्ड हैं यानि यहां सीखने का बड़ा मौका है।
    अगली स्लाइड में जानिए कौन कर सकता है कोर्स...
  • कौन कर सकता है कोर्स

    > मोबाइल एप्लीकेशन डेवलपर बनने के लिए एजुकेशनल बैकग्राउंड मायने नहीं रखता।

    > प्लेन ग्रैजुएट स्टूडेंट्स भी यदि टेक्नोलॉजी फ्रेंडली हैं तो कोडिंग सीख सकते हैं। जरूरत सिर्फ इंट्रेस्ट के साथ काम शुरू करने की है।
    आगे की स्लाइड में जानिए कितनी होती है इनकम...
  • कैसे शुरू कर सकते हैं काम, कितनी होती है कमाई

    > काम सीखने के बाद आप फ्रीलांसिंग शुरू कर सकते हैं। नेटवर्क बनाकर एप बेच सकते हैं।

    > किसी स्टार्टअप या एप बनाने वाली कंपनी में जॉब कर सकते हैं। शुरुआती इनकम 15 से 20 हजार रुपए तक होती है।

    > इंटरनेशनल क्लाइंट के साथ डील करने वाली कंपनियां प्रति घंटे के हिसाब से पे करती हैं। 500 रुपए घंटा मिलना सामान्य बात है।

    > आईटी करियर फाइंडर के मुताबिक 2020 तक 70 परसेंट पॉपुलेशन के पास स्मार्टफोन होगा। इंडिया में सबसे ज्यादा एंड्रॉइड एप्लीकेशन यूज होता है। यानि इसमें करियर की ज्यादा संभावनाएं हैं।
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