Hindi News »Self-Help »Career Tips» 10 Tips To Learn Olympic Medalist Sakshi Malik

फॉलो करें साक्षी मलिक की ये 6 TIPS, करियर में जरूर मिलेगी कामयाबी

रियो ओलिंपिक के कुश्ती इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली साक्षी मलिक को हरियाणा सरकार ने 'बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ' कार्यक्रम के लिए ब्रांड एम्बेसडर बनाया है।

dainikbhaskar.com | Last Modified - Aug 27, 2016, 12:05 AM IST

  • एजुकेशन डेस्क। रियो ओलिंपिक के कुश्ती इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली साक्षी मलिक को हरियाणा सरकार ने 'बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ' कार्यक्रम के लिए ब्रांड एम्बेसडर बनाया है। वे देश की पहली ऐसी महिला हैं जिन्होंने ओलिंपिक में कुश्ती में मेडल जीता है। इस कामयाबी के पीछे साक्षी की 12 सालों की मेहनत और कड़ा संघर्ष छिपा है। साक्षी में कई ऐसी आदतें हैं जिन्हें फॉलो करके हर कोई करियर और लाइफ में कामयाब हो सकता है। हम यहां पर उनकी ऐसी ही बातें बता रहे हैं...
    हर चुनौती के लिए तैयार :

    ओलिंपिक में साक्षी का मुकाबला कई ऐसी खिलाड़ियों से हुआ, जो वर्ल्ड रैंकिंग में उनसे ऊपर थीं। हालांकि, उन्होंने हर चुनौती के लिए खुद को तैयार रखा। ठीक इसी तरह इंसान को अपने करियर के दौरान मिलने वाली हर चुनौती के लिए तैयार रहना चाहिए। चुनौतियां कभी समय देखकर नहीं आती।
    अन्य बातें को जानने के लिए आगे की स्लाइड्स पर क्लिक करें...
  • काम के प्रति ईमानदार :

    साक्षी ने हर अपने गेम को जीतने की पूरी कोशिश की। ये इस बात को दर्शाता है कि वो कुश्ती के प्रति पूरी तरह ईमानदार हैं। ऐसे ही हर इंसान अपने करियर के दौरान किए जाने वाले काम के प्रति ईमानदार रहना चाहिए।
  • हर सेकंड की कीमत समझना :

    ओलिंपिक में ज्यादातर गेम्स साक्षी ने लास्ट मिनिट या फिर सेकंड में जीते। यानी वो अपने काम में हर सेकंड की कीमत को समझती है। इसी के चलते वो मेडल जीतने में भी कामयाब रहीं। ठीक इसी तरह हर इंसान को समय की कीमत समझना चाहिए। लाइफ और करियर के दौरान ये हमेशा काम आता है।
  • आखिर तक लड़ना :

    कुश्ती के दौरान साक्षी ज्यादातर मैच में शुरुआत में पिछड़ जाती थी, लेकिन वो इससे कमजोर नहीं पड़ती थी। बल्कि मैच जीतने के लिए वो आखिर तक लड़ाई करती थीं। हर इंसान को करियर में कामयाब होने के लिए फाइट करना चाहिए।
  • खुद पर भरोसा रखना :

    ओलिंपिक में इतिहास लिखने वाली साक्षी ने बताया कि उन्हें इस बात का विश्वास था कि वो मेडल जीतने में कामयाब रहेंगी। उन्होंने आखिरी मिनट में पूरी जान लगा दी। इंसान का लाइफ और करियर में कामयाब होने के लिए खुद पर भरोसा दिखाना बहुत जरूरी होता है।
  • शुरू से ही फोकस्ड :

    23 साल की साक्षी ने 12 साल की उम्र में ही कुश्ती खेलना शुरू कर दिया था। इसके बाद वो इसी खेल पर फोकस्ड नहीं। यही कारण रहा कि 12 साल की कड़ी मेहनत के बाद उन्हें ओलिंपिक में बड़ी कामयाबी मिली। कुल मिलाकर इंसान को अपने काम के प्रति फोकस्ड होना चाहिए। हर काम में सफलता मिलती है, लेकिन जरूरी है कि उसमें सही दिशा के साथ आगे बढ़ा जाए।
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Career Tips

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×