(सांकेतिक फोटो)
शिक्षा और अनुभव आपको सफलता के द्वार तक पहुंचाते हैं लेकिन लीडरशिप, सेल्फ मोटिवेशन, कम्यूनिकेशन स्किल्स और प्रबंधन के बिना आप अपनी योग्यता के प्रदर्शन में सीमित रूप से आगे बढ़ पाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सफलता की सीढ़ी चढ़ने के लिए सेल्फ मैनेजमेंट स्किल्स आपको पेशेवर जि़ंदगी में ऊंचाइयों तक ले जाने में बेहद मददगार साबित हो सकती हैं।
ताजा सर्वे दर्शाते हैं कि नियोक्ताओं द्वारा हर उम्मीदवार में डोमेन स्किल के अलावा कुछ आम बातें देखी जाती हैं । ये हैं - बेहतर रवैया, नई चीजों को जानने और प्रशिक्षण प्राप्त करने की तीव्र इच्छाशक्ति और काम के प्रति सकारात्मक रुख। विभिन्न शोध परिणामों के अनुसार ऐसे कर्मचारियों की प्रगति करने की संभावना सर्वाधिक होती है जिनमें समय के साथ काम करने व अपने आपमें परिवर्तन लाने की क्षमता होती है।
दरअसल सेल्फ मैनेजमेंट स्किल्स में एक प्रकार से व्यक्तिगत गुण शामिल होते हैं, जो करियर को पटरी पर लाने में मददगार साबित होते हैं। सेल्फ मैनेजमेंट की मदद से वे कुशलताएं विकसित की जा सकती हैं, जो आपके प्रोफेशनल ग्राफ को ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगी। समझिए कुछ जरूरी सेल्फ मैनेजमेंट कुशलताएं -
सेल्फ अवेयरनेस
सेल्फ अवेयरनेस में दो महत्वपूर्ण तत्व होते हैं। पहला अपनी संवेदनाओं की बारीकियों के बीच अंतर व अपनी सोच व कामों पर उनके असर को समझना। दूसरा इस बात की जागरूकता कि हम दूसरों पर किस तरह प्रभाव डालते हैं। इस समझ की कमी पेशेवर जि़ंदगी को नुकसान पहुंचा सकती है।
इमोशन मैनेजमेंट
एचआर विशेषज्ञों की सलाह है कि इमोशन मैनेजमेंट वह खूबी है, जो हरेक प्रोफाइल को अद्भुत बना देती है। अप्रत्याशित संवेदनाएं जैसे गुस्से और कुंठा पर काबू पाना आपकी विचार शक्ति को मजबूती देगा। तनाव से दूर आप स्पष्टता से अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित कर पाएंगे।
सैमसंग इंडिया के वीपी (कॉर्पोरेट एचआर) संजय बाली कहते हैं, पेशेवर जि़ंदगी में संवेदनाओं का नियंत्रण कमाल का कौशल है। भावनाओं का संतुलन आपके प्रोफेशनल रिपोर्ट कार्ड को उम्दा बनाएगा, इसलिए इसका प्रयोग करना आना चाहिए।
आत्मविश्वास
आत्मविश्वास वह औजार है, जिसके दम पर आप हर जंग जीत सकते हैं। नौकरी के साक्षात्कार से लेकर रिटायर होने तक सफलता के हर कदम में आत्मविश्वास का योगदान होता है। इतना ही नहीं मैनेजमेंट की नौकरियों के अलावा अब इस खूबी की मांग हर क्षेत्र में है। विशेषज्ञों के अनुसार, तेजी से बढ़ते सॉफ्टवेयर व बीपीओ उद्योग में खासतौर पर इसकी मांग है।
तनाव नियंत्रण
टाटा केमिकल्स के चीफ ह्यूमन रिसोर्सेज ऑफिसर बी. सुधाकर के अनुसार, यह एक व्यावहारिक कौशल है जिसे सिखाया नहीं जा सकता, लेकिन निरंतर प्रशिक्षण के माध्यम से तनाव नियंत्रित करने की क्षमता को विकसित किया जा सकता है। कंपनियां नियुक्ति के समय इस खूबी को जरूर देखती हैं कि दबाव के समय उम्मीदवार तनाव का सामना किस प्रकार कर पाता है। यहां तक कि साक्षात्कार में भी कई तकनीकों के द्वारा इसकी परीक्षा ली जाती है।
दृढ़ता
पेशेवर जि़ंदगी की सफलता का टॉनिक है, दृढ़ता। करियर कोच डॉन ऑरलैंडो के अनुसार, दृढ़ता कदम-कदम पर आपकी मदद करती है। मुश्किल परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य से जुड़े रहने की अडिगता, चुनौतियों का निपटारा और उसी ऊर्जा पर टिके रहने का साहस आपको अद्भुत ढंग से बदलता है।
धैर्य
मुश्किल परिस्थितियों में आपको इस टूल की जरूरत महसूस होती है। बेहतरीन नेतृत्वकर्ता अपनी काम की शैली में इस औजार को जरूर शामिल करते हैं।