पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

एग्जाम्स में परफॉर्मेंस की न करें फ़िक्र, STRESS काबू करने के लिए ये करें

6 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
सांकेतिक फोटो. - Dainik Bhaskar
सांकेतिक फोटो.
मेहनती प्रतिभाशाली वे स्टूडेंट्स, जो परीक्षाओं में ज्यादा तनाव लेते हैं बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाते। यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो के रिसर्च में सामने आई यह बात परीक्षाओं के इस दौर में खासी अहम है। इसमें कोई दो राय नहीं कि परीक्षा और तनाव का स्पष्ट संबंध है। साइकोलॉजिस्ट सीमा हिंगोरानी के अनुसार, यह तनाव अच्छी तैयारी के बावजूद आपकी परफॉर्मेंस को खराब कर सकता है। (एजुकेशन और जॉब की अन्य खबरों को पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें)
यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो में साइकोलॉजी प्रोफेसर सियान बीलॉक की राय में कोई भी स्टूडेंट जब इस फिक्र में होता है कि वह परीक्षा में कैसा प्रदर्शन करेगा तो उसकी चिंताएं, वर्किंग मेमोरी का कुछ हिस्सा इस्तेमाल कर लेती हैं, जिससे एकाग्रता शक्ति में कमी आती है और इसका सीधा असर स्कोर पर होता है। इस स्थिति के लिए स्ट्रेस मैनेजमेंट जरूरी है। ऐसे में इस बार पढ़ाई की तैयारी के साथ-साथ दिया गया यह सॉल्व्ड स्ट्रेस मैनेजमेंट पेपर, तनाव प्रबंधन में आपकी मदद करेगा। स्ट्रेस से जुड़े ये सवाल-जवाब मानसिक राहत के साथ-साथ स्कोर बढ़ाने में भी सहायक होंगे।

तनाव की वजहें क्या हैं?
तनाव अक्सर मूल्यांकन के डर से जुड़ा होता है। दूसरों की उम्मीदें, इसका स्तर बढ़ा देती है। पूरे साल पढ़ाई में अनियमितता और आखिरी मिनट पर पूरे कोर्स के साथ जूझना स्ट्रेस को बढ़ाता है।
मुकाबला कैसे करें?
इस स्थिति से सामंजस्य बिठाने का अच्छा तरीका है कि अपने कामों की प्राथमिकता तय करें। सही योजना के साथ आप मुश्किल मुकाम तक भी आसानी से पहुंच सकते हैं। अपनी एक्टिविटीज चार हिस्सों में बांट लीजिए-

1. जरूरी और महत्वपूर्ण (परीक्षा का पूर्व दिन और स्टडी लोड)
2. कम जरूरी, लेकिन महत्वपूर्ण (दो महीने पहले परीक्षा की तैयारी)
3. जरूरी, लेकिन महत्वपूर्ण नहीं(पढ़ाई के अलावा अन्य काम)
4. गैर जरूरी और गैर महत्वपूर्ण(सोशल नेटवर्किंग)
इन हिस्सों के अनुसार प्राथमिकताएं तय करें। परीक्षा के नजदीकी समय में जरूरी और महत्वपूर्ण गतिविधियों को सबसे ज्यादा समय दें और गैर महत्वपूर्ण गैर जरूरी कामों को नजरअंदाज करें। ऐसे काम जिन्हें टाला नहीं जा सकता, उनमें भी कम से कम समय लगाएं।
परीक्षा का तनाव हो ऐसा संभव है?
परीक्षासे पहले थोड़ा चिंतित होना स्वाभाविक है। अच्छा होगा कि अपना डी स्ट्रेस प्लान तैयार करें। समय-समय पर 10 मिनट का ब्रेक लेना, परीक्षा से पहले एक अच्छी नींद, स्टडी प्लान को नियमित रूप से पूरा करना, छोटे-छोटे नोट्स तैयार करते रहना दिमाग की याद रखने की क्षमता को बेहतर बनाते हुए फिक्र में भी कटौती करता है।
परीक्षा देने का सबसे अच्छा तरीका?
एकबार तैयारी पूरी होने के बाद रिलैक्स हो जाएं, प्रश्न पत्र से घबराने के बजाय शांत होकर विचार करें। अपनी तैयारी पर भरोसा रखें। लिखते समय अधिक विस्तार में चले जाएं। जवाब स्पष्ट हों। मुख्य बिंदुओं को हाइलाइट करना भूलें। विशेषज्ञों के मुताबिक बेहतर टाइम मैनेजमेंट आपको स्ट्रेस से काफी हद तक राहत दिला सकता है। शुरुआत में ही तय कर लें कि किस प्रश्न को कितना समय देना है। परीक्षा देते समय पहले तीस मिनट की अच्छी शुरुआत आपके आत्मविश्वास को बढ़ा देगी। पॉजिटिव सेल्फ टॉक जैसे, मैं परीक्षा के लिए तैयार हूं और मैं अच्छा प्रदर्शन करूंगा, आपकी मदद कर सकती है। हमेशा याद रखें कि एक खराब परफॉर्मेंस का मतलब अयोग्यता नहीं है, बल्कि इसका अर्थ है कि आपको ज्यादा मेहनत की जरूरत है।
आगे की स्लाइड्स में पढ़ें एग्जाम स्ट्रेस पर क्या कहना है साइंस का...