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युवी ने कभी नहीं मानी हार, इनकी लाइफ से सीख सकते हैं ये 10 बातें

सन् 2000 में अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर की शुरुआत करने वाले क्रिकेटर योगराज सिंह के बेटे युवराज सिंह को रियल हीरो कहा जाता है। उन्होंने कैंसर जैसी बीमारी होने के बाद भी न ही सिर्फ अपने आप को पूरी तरह से ठीक किया बल्कि दोबारा क्रिकेट के मैदान में वापसी भी की। अब वे एक्ट्रेस हेजल कीच के साथ वैवाहिक बंधन में बंध गए हैं। इस मौके पर हम बता रहे हैं युवराज की जिंदगी की ऐसी 10 बातें जो करेंगी आपको इंस्पायर।

dainikbhaskar.com | Last Modified - Dec 01, 2016, 12:05 AM IST

  • सेल्फ हेल्प डेस्क। साल 2000 में अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर की शुरुआत करने वाले युवराज सिंह को रियल हीरो कहा जाता है। उन्होंने कैंसर जैसी बीमारी होने के बाद भी दोबारा क्रिकेट के मैदान में वापसी की। अब वे एक्ट्रेस हेजल कीच के साथ वैवाहिक बंधन में बंध गए हैं। इस मौके पर हम बता रहे हैं युवराज की जिंदगी की ऐसी 10 बातें जो करेंगी आपको इंस्पायर।
    आगे की स्लाइड्स में जानिए युवराज की 10 इंस्पायरिंग बातें ...
  • खुद को हमेशा करें मोटिवेट

    युवराज सिंह ने खुद को हमेशा मोटिवेट किया। 2011 में टीम इंडिया को जिताने में अहम भूमिका निभाने वाले युवराज को जब 2012 की शुरुआत में कैंसर होने की बात पता चली, तब वे शुरु में थोड़ा घबराए लेकिन उन्होंने अपने आप को मोटिवेट करना नहीं छोड़ा। वे कहते हैं कि हम किसी भी खराब परिस्थिति से कमबैक कर सकते हैं।
  • किसी भी परिस्थिति में हार न मानें

    लाइफ में अच्छी या बुरी कैसी भी सिचुएशन आए हमें डटकर खड़े रहना चाहिए। कैंसर के दौरान जब युवराज एक-एक पल बीमारी से लड़ रहे थे तब भी वे टीम इंडिया की जर्सी पहनकर जल्द से जल्द मैदान में आना चाहते थे। करीब दो माह तक वे पानी भी नहीं पी सके थे। अपना कान्फीडेंस बढ़ाने के लिए वे साइक्लिस्ट लांस आर्मस्ट्रांग की किताब पढ़ा करते थे।
  • खुद पर यकीन रखें

    अपने आप पर यकीन रखना बहुत जरूरी है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर में आने के बाद अपने दूसरे वनडे मैच में ही युवराज ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 82 गेंदों पर 84 रन ठोके थे। कैंसर का इलाज चलने के दौरान उनका यकीन था कि कुछ भी हो जाए, मैं जिंदगी और क्रिकेट के मैदान में दोबारा वापसी जरूर करुंगा। इसी यकीन ने उन्हें जल्दी ठीक किया।
  • अपने काम से लें इंस्पीरेशन

    आप वही काम करें, जिसमें आपको मजा आता है। युवराज कहते हैं मैंने मेरी बीमारी के दौरान क्रिकेट से इंस्पिरेशन लिया। टेस्ट क्रिकेट में कई सेशन या कोई दिन ऐसा आता है जब कमबैक करने के लिए हार्ड फाइट करना होती है। ऐसा ही लाइफ में भी होता है। हमें अपने काम से भी इंस्पिरेशन ले सकते हैं।
  • सिर्फ खुशी ही नहीं, दुख भी बांटें

    हमें जिंदगी में सिर्फ खुशी ही नहीं बल्कि दुख भी दूसरों के साथ बांटना चाहिए। वे कहते हैं, कैंसर के बारे में मैंने लोगों को अवेयर करने के लिए ज्यादा से ज्यादा बात की। इस बीमारी से लड़ने का जज्बा पैदा करने की कोशिश की। सबसे पहले तो स्वीकार्य किया कि मुझे कैंसर है। इससे उन लोगों को सपोर्ट मिला होगा जो पहले से ही इस बीमारी से जूझ रहे हैं।
  • अंदरुनी शक्ति ने जिताया

    यदि अंदर से हम ठान लें तो कोई हमें हरा नहीं सकता। युवराज कहते हैं कि मैंने सोच लिया था कि मुझे ठीक होना ही है। इसी अंदरूनी शक्ति से मुझे कॉन्फिडेंस आया। वे कहते हैं, द टेस्ट ऑफ माय लाइफ नामक किताब में मैंने अपने कैंसर के पहले, कैंसर के दौरान व कैंसर के बाद की लाइफ के बारे में बताया है।
  • अपने काम में दिखाएं एग्रेशन

    हमें एग्रेशन पर कंट्रोल रखना जरूरी है। एग्रेशन हमेशा अच्छा नहीं होता। एग्रेशन हमारे काम में दिखना चाहिए। युवराज ने 2007 में हुए टी-20 विश्व कप में खिताबी जीत दर्ज करन में अहम भूमिका निभाई थी। इंग्लैंड के स्टुअर्ट ब्रॉड के एक ओवर में लगातार छह गेंद पर छह छक्के जड़कर उन्होंने अपनी आक्रामकता साबित की थी।
  • उतार-चढ़ाव से घबराएं नहीं

    हर व्यक्ति की जिंदगी में उतार-चढ़ाव आते हैं इससे घबराना नहीं चाहिए। युवराज भी कैंसर अलावा लंबे समय तक खराब फॉर्म से भी गुजरे। फिर भी विश्वास नहीं खोया। इसी का नतीजा रहा कि उन्होंने आईपीएल की दो-दो टीम किंग्स इलेवन पंजाब व पुणे वॉरियर्स की कप्तानी की। वर्ल्डकप 2011 में मेन ऑफ द टूर्नामेंट रहे।
  • दूसरों की मदद करें

    कैंसर से जंग जीतने के बाद युवराज सिंह अपने फाउंडेशन के जरिए कैंसर पीड़ित मरीजों की मदद कर रहे हैं। वे कहते हैं कि जिंदगी क्या होती है, इसका अहसास कैंसर के दौरान हुआ। अब वे ज्यादा से ज्यादा लोगों की मदद करना चाहते हैं।
  • कठिन परिस्थिति में भी कूल रहें
    युवराज कहते हैं कि फील्ड में आपको एग्रेसिव होना जरूरी है। आपको यह सोचना होगा कि हम कैसे सबसे अच्छा कर सकते हैं लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि हम हंसना छोड़ दें। कठिन परिस्थिति में हंसना और कूल रहना ज्यादा जरूरी हो जाता है।

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Web Title: Yuvraj Singh Shares His Inspirational Story Of Cancer Survival - Yuvi Top Ten Rules
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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