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कलाम देते थे वर्क-लाइफ बैलेंस को महत्व, टाइम मैनेजमेंट पर क्या कहते हैं कलाम, इन 6 बातों से सीखें...

सेल्फ हेल्प डेस्क। पीपुल्स प्रेसीडेंट और मिसाइल मैन के नाम से मशहूर डॉ एपीजे अब्दुल कलाम वैसे तो हर मामले में एक मिसाल थे। पर कम ही लोग जानते हैं कि घंटों काम में व्यस्त रहने वाले कलाम पढ़ने-लिखने और लोगों से मिलने का भी समय निकाल लेते थे। इसका क्रेडिट उनके टाइम मैनेजमेंट को जाता है। ऐसा था उनका टाइम मैनेजमेंट..

Danik Bhaskar | Oct 22, 2016, 12:03 AM IST
सेल्फ हेल्प डेस्क। पीपुल्स प्रेसीडेंट और मिसाइल मैन के नाम से मशहूर डॉ एपीजे अब्दुल कलाम वैसे तो हर मामले में एक मिसाल थे। पर कम ही लोग जानते हैं कि घंटों काम में व्यस्त रहने वाले कलाम पढ़ने-लिखने और लोगों से मिलने का भी समय निकाल लेते थे। इसका क्रेडिट उनके टाइम मैनेजमेंट को जाता है। ऐसा था उनका टाइम मैनेजमेंट..

वर्क एंड लाइफ बैलेंस को देते थे अहमियत
कलाम वर्क एंड लाइफ बैलेंस को काफी अहमियत देते थे। उनका कहना था कि हमें अपना समय ऐसे मैनेज करना चाहिए कि काम के साथ जीवन का भी आनंद उठाया जा सके। क्योंकि जीवन हमें समय की अहमियत बताता है और समय हमें जीवन का महत्व सिखाता है।

बचपन में ही बना लिया था वर्क-लाइफ बैलेंस
कलाम का बचपन बड़ा संघर्षपूर्ण बीता। वे रोज सुबह चार बजे उठकर गणित की ट्यूशन जाते थे। वहां से 5 बजे लौटने के बाद वे अपने पिता के साथ नमाज पढ़ते, फिर तीन किलोमीटर दूर धनुषकोड़ी रेलवे स्टेशन से अखबार लाते और पैदल घूम-घूम कर बेचते। 8 बजे तक वे इन कामों से फ्री होते और तैयार होकर स्कूल चले जाते। स्कूल से लौटने के बाद शाम को वे अखबार के पैसों की वसूली के लिए निकल जाते। उनका कहना था कि हर काम के लिए समय मिलता है, जरूरत केवल अनुशासन में रहने की है।
आगे की 6 स्लाइड्स में जानें क्या कहते हैं कलाम टाइम मैनेजमेंट पर....

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