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CBSE पेपर लीक : अब क्या करें स्टूडेंट्स और पैरेंट्स, एक्सपर्ट दे रहे हैं ये सलाह

इस संबंध में dainikbhaskar.com ने सीबीएसई में काउंसलर डॉ. शिखा रस्तोगी और एजुकेशनिस्ट डॉ. एसएन राय से बात की।

Danik Bhaskar | Mar 29, 2018, 02:29 PM IST
प्रतीकात्मक चित्र प्रतीकात्मक चित्र

एजुकेशन डेस्क। सीबीएसई में 12वीं में इकोनॉमिक्स और 10वीं में गणित का पेपर लीक होने के बाद उसे कैंसल करने से पूरे देश में स्टूडेंट्स और पैरेंट्स गुस्से में हैं। अब स्टूडेंट्स को ये दोनों पेपर फिर से देने होंगे। कई बच्चों ने सीबीएसई की हेल्प लाइन पर फोन करके निराशा जताई है।


इस संबंध में dainikbhaskar.com ने सीबीएसई में काउंसलर और साइकोलॉजिस्ट डॉ. शिखा रस्तोगी से बात की। वे स्टूडेंट्स को जो सलाह दे रही हैं, उसे हम हमारे रीडर्स के लिए भी पेश कर रहे हैं।

सिलेबस से ही आएगा, घबराएं नहीं :

बच्चों से कहा जा रहा है कि पैनिक होने की जरूरत नहीं है। पेपर का पैटर्न वही रहेगा, जो अब तक रहा है। सवाल भी सारे सिलेबस से ही आएंगे। तो अगर पहले आपका पेपर अच्छा गया है, तो यह पेपर भी अच्छा ही जाएगा।

प्रैक्टिस हो गई है :
जो पेपर लीक हुआ, उसे मॉक टेस्ट समझ लीजिए। समझ लीजिए कि उस पेपर के बहाने तो प्रैक्टिस हो गई। उसमें जो गलतियां हुईं, उनका एनालिसिस करें, उन गलतियों को दूर करके ठंडे दिमाग से पेपर देने जाएं। इससे पेपर पहले से भी अच्छा जाएगा।

जो छूट गया, उसकी तैयारी करें :
ऐसा कई बार होता है कि पेपर होने तक भी कोर्स की कई चीजें छूट जाती हैं। तो उस समय जो आपसे छूट गया था, उसकी तैयारी करने का अब मौका मिल गया है। इस मौके का फायदा उठाएं। अब जो एक्स्ट्रा टाइम मिला है, उसमें इसकी तैयारी की जा सकती है।

रिविजन करने का मिल गया मौका :
सिलेबस वही है जो आपने पढ़ा है। वही सवाल आएंगे जो सिलेबस में हैं तो फिर घबराने की क्या जरूरत है? आपके लिए तो रिविजन का एक और मौका मिल गया है। हो सकता है पहले 80 में से 70 नंबर आ रहे होंगे तो अब 80 में से 75 नंबर लाने का मौका मिल जाएगा।

CBSE paper leak CBSE paper leak

पैरेंट्स पैनिक नहीं करें, बल्कि बच्चों को मोटिवेट करें : एजुकेशनिस्ट

एजुकेशनिस्ट डॉ. एसएन राय का कहना है कि ऐसी स्थिति में पैरेंट्स का पैनिक और गुस्सा होना स्वाभाविक है। लेकिन वे इसे बच्चों के सामने उजागर नहीं करें। यहां पैरेंट्स का बड़ा रोल है। अगर वे पैनिक होंगे तो बच्चे तो और भी ज्यादा हतोत्साहित होंगे। जो हो गया, उसकी हर लेवल पर जांच चल रही है और दोषियों को सजा भी मिलेगी। लेकिन फिलहाल बच्चों के लिए एग्जाम देने के अलावा और कोई ऑप्शन नहीं है। तो ऐसे में पैरेंट्स बच्चों को मोटिवेट करें 

 

जिंदगी में हर कदम पर एग्जाम है…
डॉ राय कहते हैं कि यह तो पैरेंट्स के लिए बच्चों को यह समझाने का मौका है कि जिंदगी में ऐसे हालात और भी आएंगे। जिंदगी कदम-कदम पर परीक्षा लेगी। उससे भागने के बजाय उसका सामना करो।