--Advertisement--

कोई मैथ में फेल, किसी को मिली सेकंड डिवीजन, फिर भी बन गए IAS/IFS अफसर

आईएएस/आईएफएस अफसर और डॉक्टर्स की सक्सेस स्टोरी, जिन्होंने असफलता से हार नहीं मानी।

Dainik Bhaskar

Feb 29, 2016, 02:56 PM IST
आईसीपी केशरी, प्रमुख सचिव, ऊर् आईसीपी केशरी, प्रमुख सचिव, ऊर्
भोपाल. पढ़ते-पढ़ते कई बार फिसले, फिर कोशिश की और आगे बढ़े। हिम्मत ने साथ दिया, आज ऊंचे मुकाम पर हैं। ये ऐसे IAS/IFS अफसर हैं, जिनमें से कोई मैथ्स में फेल हुआ तो कोई 9वीं की परीक्षा में सेकंड डिवीजन ही पा सका। कुछ कई तो कॉम्पिटीशन में भी बार-बार फेल हुए, लेकिन मेहनत और लगन के चलते वे एक दिन आईएएस/आईएफएस अफसर बनने में कामयाब रहे और आज सफल अधिकारी के रूप में काम कर रहे हैं।
भास्कर ने उन आईएएस/आईएफएस अफसर की सक्सेस स्टोरी जानी, जिन्होंने असफलता से हार नहीं मानी और जीतना सीखा। आज ऐसे छात्र-छात्राएं जो जरा-से तनाव में सुसाइड का रास्ता अपनाते हैं, उनके लिए इन अफसरों की स्टोरीज उम्मीद की नई राह हैं...।
10वीं तक पासिंग मार्क्स भी नहीं ला पाता था
10वीं तक तो यह स्थिति थी कि पासिंग मार्क्स तक नहीं ला पाता था। जरूरत होती थी 40 नंबरों की, गणित में 36-37 ही आते थे। आज बच्चों से ज्यादा पेरेंट्स डिस्टर्ब हो जाते हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए। मुझे ही लें,11वीं और 12वीं में गणित में 85 फीसदी तक नंबर आए। फिर मैंने आर्ट्स ले लिया और आज प्रमुख सचिव हूं। - आईसीपी केशरी, प्रमुख सचिव, ऊर्जा 1988 बैच के IAS अफसर
आगे की स्लाइड्स में हाईस्कूल में सेकंड डिवीजन, कई कॉम्पिटीटिव एग्जाम में फेल, स्कूल में कभी पहले नंबर पर नहीं आया और 9वीं में सेकंड डिवीजन लेकिन यूपीएससी में मिली 7वीं रैंक...
X
आईसीपी केशरी, प्रमुख सचिव, ऊर्आईसीपी केशरी, प्रमुख सचिव, ऊर्
Bhaskar Whatsapp
Click to listen..