Hindi News »Self-Help »Offbeat» Success Story Of Handicappe Person

न हाथ, न पैर, फिर भी हैं एक काबिल अफसर

एक हादसे की वजह से राजा महेंद्र प्रताप ने 5 साल की उम्र में ही अपने दोनों हाथ और पैर खो दिए थे। इसके कारण उन्हें 10 साल घर में ही बिताने पड़े। वे स्कूल तक नहीं जा सके। लेकिन आज वे ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ONGC) के अहमदाबाद ऑफिस में फाइनेंशियल एंड अकाउंट्स ऑफिसर की पोस्ट पर हैं। जॉब पर लगने से पहले उन्होंने फाइनेंस में एम.बी.ए. किया है।

dainikbhaskar.com | Last Modified - Jun 28, 2016, 12:04 AM IST

  • एजुकेशन डेस्क। एक हादसे की वजह से राजा महेंद्र प्रताप ने 5 साल की उम्र में ही अपने दोनों हाथ और पैर खो दिए थे। इसके कारण उन्हें 10 साल घर में ही बिताने पड़े। वे स्कूल तक नहीं जा सके। लेकिन आज वे ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ONGC) के अहमदाबाद ऑफिस में फाइनेंशियल एंड अकाउंट्स ऑफिसर की पोस्ट पर हैं। जॉब पर लगने से पहले उन्होंने फाइनेंस में एम.बी.ए. किया है।
    कैसे हुआ था हादसा
    29 साल के प्रताप मूलत: हैदराबाद के रहने वाले हैं। जब वे 5 साल के थे, तब दोस्तों ने एक शर्त लगाई कि खुली इलेक्ट्रिक रॉड को मोड़ नहीं सकते। चूंकि उस समय उनमें उतनी समझ नहीं थी। इसलिए उन्होंने वह शर्त स्वीकार कर ली। लेकिन वे जैसे ही उस रॉड को मोड़ने के लिए गए, वैसे ही हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आ गए। इससे उनके दोनों हाथ और पैर भयंकर रूप से झुलस गए। इस वजह से उन्हें काटना पड़ा।
    आगे की स्लाइड्स में जानें इनके संघर्ष की दास्तां...
  • दस साल तक घर से बाहर नहीं निकले

    इस घटना के बाद प्रताप एक तरह से घर में ही कैद होकर रह गए। उन्होंने दस साल तक घर के बाहर कदम तक नहीं निकाला। जाहिर सी बात है कि वे स्कूल भी नहीं जा सकते थे। यहां तक कि उनके पिता भी उन्हें बोझ समझने लगे थे। घर में कोई आता तो पिता उनसे मिलने भी नहीं देते। पिता को शायद उनसे मिलवाने में शर्म आती थी।
  • घुटनों के बल चलना सीखा, कोहनियों से लिखना

    प्रताप 16 साल की उम्र तक स्कूल नहीं जा सके। इनकी तीन बहनें थी जिन्होंने काफी सपोर्ट किया। प्रताप उन्हीं की बुक्स से पढ़ते। थोड़े बड़े हुए तो घुटनों के बल चलने लगे। लेकिन इस प्रयास में उनके घुटने छिल जाते। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। अंतत: उन्होंने घुटनों के बल चलना सीख लिया। जबड़ों और कोहनियों की मदद से उन्हेंने चीजों को पकड़ना और उठाना सीखा। शुरू में उन्हें काफी दिक्कतें हुईं, लेकिन आज वे कोहनियों की मदद से लिख लेते हैं और कंप्यूटर ऑपरेट कर लेते हैं। आज ONGC के दफ्तर में वे कंप्यूटर पर बड़ी कुशलता से काम करते नजर आते हैं। प्रताप बगैर किसी की सहायता से चल लेते हैं। यहां तक कि वे पब्लिक ट्रांसपोर्ट में भी आसानी से सफर कर लेते हैं। वे कंपनी द्वारा दिए गए क्वार्टर में रहते हैं और कपड़े धोने से लेकर नाश्ता बनाने तक का काम खुद करते हैं।
  • स्पेशल सैंडल बनवाई और घर से बाहर निकले

    प्रताप ने दसवीं और बारहवीं की परीक्षा की पढ़ाई घर से ही की। वे केवल परीक्षा देने ही बाहर जाते थे। घर से बाहर चलने के लिए उन्होंने एक कॉबलर से स्पेशल सैंडल बनवाई। इसके लिए भी कोई कॉबलर तैयार नहीं था। लेकिन अंतत: एक कॉबलर इसके लिए राजी हो गया। हैदराबाद की ओस्मानिया यूनिवर्सिटी से उन्होंने पहले Bcom और फिर फाइनेंस में MBA किया। MBA के लिए प्रताप को नेशनल सेंटर फॉर प्रमोशन ऑफ इम्प्लॉयमेंट फॉर डिसेबल्ड पीपुल से स्कॉलरशिप मिली थी।
  • नौकरी के लिए शुरू में कोई तैयार नहीं हुआ

    MBA करने के बाद प्रताप के पास इंटरव्यू के लिए कई कॉल आते, लेकिन जब इंटरव्यूअर उन्हें देखता तो उनका एटिट्यूड बदल जाता। कोई भी यी मानने को तैयार नहीं था कि वे उन्हें सौंपा गया काम पूरा कर सकते थे। कई लोगों ने इसी कारण उन्हें नौकरी देने से मना कर दिया। लेकिन प्रताप ने हार नहीं मानी। वे जॉब की तलाश में लगे रहे। अंतत: उन्हें नेशनल हाउसिंग बैंक में असिस्टेंट मैनेजर की जॉब मिली। बाद में वे ONGC अहमदाबाद में फाइनेंस एंड अकाउंट्स ऑफिसर बने।
    धीरे-धीरे प्रताप के प्रति लोगों का नजरिया बदलने लगा। आज उनके सभी सहयोगी उनके टैलेंट और वर्किंग कैपिसिटी की तारीफ करते नहीं थकते। जिस पिता ने उम्मीद छोड़ दी थी, उनका भी नजरिया आज बदल गया है।
India Result 2018: Check BSEB 10th Result, BSEB 12th Result, RBSE 10th Result, RBSE 12th Result, UK Board 10th Result, UK Board 12th Result, JAC 10th Result, JAC 12th Result, CBSE 10th Result, CBSE 12th Result, Maharashtra Board SSC Result and Maharashtra Board HSC Result Online

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: Success Story Of Handicappe Person
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From Offbeat

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×