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  • दिल्ली चुनाव: सटोरियों ने दिल्ली में बीजेपी को दिया बहुमत

सटोरियों ने दिल्ली में बीजेपी को दी 45 और आप को 22 सीटें

6 वर्ष पहले
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नई दिल्ली. दिल्ली में शनिवार को होने जा रहे विधानसभा चुनाव के नतीजे भले ही 10 फरवरी को आएंगे। तमाम एग्जिट पोल ने आम आदमी पार्टी की सरकार बनने का अनुमान लगाया है। सट्टा बाजार भी आप की सरकार के पक्ष में हैं। मतदान से पहले सट्टा बाजार बीजेपी को 45 सीटें देते हुए बहुमत मिलने का दावा कर रहा था वहीं मतदान के बाद बाजार का रुझान तेजी से बदलता दिखाई दिया। मतदान के पहले जो सट्टा बाजार आप को 22 सीटें दे रहा था वहीं मतदान के बाद आप को 39 सीटों के बाद सबसे बड़ी पार्टी बनने का दावा कर रहा है।
मतदान से पहले के सट्टा बाजार के आंकडे
यह आंकडा दिल्ली में शनिवार को हुए मतदान के पहले सटोरियों ने दिया था जिसमें बीजेपी को बड़ी जीत हासिल करते हुए 45 सीटें, आम आदमी पार्टी को 22 सीटें और कांग्रेस को कुल 3 सीटें मिलती दिखाईं गईं थी। मतदान से पहले सट्टा बाजार ने सभी 70 सीटों का अनुमान कुछ इस तरह लगाया था।
मतदान से पहले सट्टा बाजार का अनुमान
सीट.क्रमांक सीट कौन जीतेगा, सट्टा बाजार का अनुमान
1 नरेला BJP
2 बुराड़ी CONG
3 तिमारपुर AAP
4 आदर्श नगर BJP
5 बादली AAP
6 रिठाला BJP
7 बवाना (सु) BJP
8 मुंडका BJP
9 किराड़ी AAP
10 सुलतानपुरी (सु) AAP
11 नांगलोई BJP
12 मंगोलपुरी (सु) AAP
13 रोहिणी BJP
14 शालीमार बाग BJP
15 शकूरपुर बस्ती AAP
16 त्रिनगर AAP
17 वजीरपुर BJP
18 मॉडल टाउन BJP
19 सदर बाजार BJP
20 चांदनी चौक BJP
21 मटिया महल AAP
22 बल्लीमारन BJP
23 करोल बाग (सु) BJP
24 पटेल नगर (सु) BJP
25 मोती नगर AAP
26 मादीपुर (सु) AAP
27 राजौरी गार्ड BJP
28 हरी नगर BJP
29
तिलक नगर
BJP
30 जनकपुरी BJP
31 विकासपुरी AAP
32 उत्तम नगर AAP
33 द्वारका BJP
34 मटियाला BJP
35 नजफगढ़ BJP
36 बिजवासन AAP
37 पालम AAP
37 दिल्ली कैंट BJP
39 राजेंद्र नगर BJP
40 नई दिल्ली AAP
41 जंगपुरा BJP
42 कस्तुरबा नगर BJP
43 मालवीय नगर BJP
44 आरकेपुरम BJP
45 महरौली CONG
46 छतरपुर BJP
47 देवली (सु) AAP
48 अंबेडकरनगर AAP
49 संगम विहार BJP
50 ग्रेटर कैलाश BJP
51 कालकाजी CONG
52 तुगलकाबाद AAP
53 बदरपुर BJP
54 ओखला BJP
55 त्रिलोकपुरी (सु) AAP
56 कोंडली (सु) BJP AAP
57 पटपडग़ंज AAP BJP
58 लक्ष्मी नगर BJP
59 विश्वास नगर BJP
60 कृष्णा नगर BJP
61 गांधी नगर BJP
62 शाहदरा BJP
63 सीमापुरी (सु) BJP
64 रोहतास नगर BJP
65 सीलमपुर BJP
66 घौंडा AAP
67 बाबरपुर BJP
68 गोकलपुर (सु) AAP
69 मुस्तफाबाद BJP
70 करावल नगर BJP
क्या कहते हैं राजनीतिक विशेषज्ञ
राजनीतिक विशेषज्ञ डॉ.विनय प्रकाश के मुताबिक नई दिल्ली सीट केजरीवाल के खाते में जाएगी। उन्हें इस सीट पर स्पष्ट बहुमत मिल रहा है। वहीं आप के जीतने वाले उम्मीदवारों में राखी बिलड़ान, सोमनाथ भारती, वंदना कुमारी, अल्का लांबा भी अपनी सीटों पर जीत के प्रबल दावेदार हैं। बीजेपी को लेकर डॉ प्रकाश का अनुमान है कि भाजपा से मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार किरण बेदी कृष्णा नगर से, पटेल नगर से कृष्णा तीरथ अपनी सीट जीत जाएंगी। इनके अलावा रजनी अब्बी, अनिल शर्मा भी जीत के प्रबल दावेदार हैं। कांग्रेस की उम्मीदवार रीटा शौकिन मुंडका से, अजय माकन-सदर बाजार से, शर्मिष्ठा मुखर्जी- ग्रेटर कैलाश से जीत हासिल कर सकती हैं।
केजरीवाल का पलड़ा भारी
राजनीतिक विश्लेषक डॉ प्रकाश के मुताबिक जनता का मूड अब तक के माहौल और सर्वेक्षणों से समझ आ रहा है। लोवर मिडिल क्लास और मिडिल क्लास का झुकाव आप संयोजक आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल के साथ हैं। जबकि अपर क्लास में भी डिविजन है, बड़ी तादाद में अपर क्लास का युवा केजरीवाल के साथ जुड़ा हैं। मेरे मुताबिक पिछली बार की तुलना में इस बार केजरीवाल में राजनीतिक समझ ज्यादा दिखाई दी है।
बेदी ने बिगाडा बीजेपी का गणित
डॉ प्रकाश के मुताबिक दिल्ली के इस चुनाव में भाजपा का पलड़ा किरण बेदी के मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाए जाने के बाद ही हल्का हो गया है। बीजेपी की सबसे बड़ी गलती किरण बेदी को लाना रही, भाजपा में लोगों ने उसे स्वीकार नहीं किया। क्योंकि भाजपा एक काडर बेस्ड पार्टी है और बाहरी व्यक्ति को लाकर थोप देना उन्हें अच्छा नहीं लगा। डॉ.प्रकाश कहते हैं कि मोदी और शाह की मानमानी के चलते ऐसा किया तो गया, लेकिन इसके बाद लगातार भाजपा का ग्राफ गिरता गया है। बची खुची कसर बाद में की गई गलतियों और विज्ञापनों ने कर दी। लोकसभा चुनाव के दौरान प्रियंका ने नीची जाति की बात की थी, उस पर मोदी ने खेला था और बीजेपी ने वही गलती केजरीवाल के गोत्र वाले मामले में की और उन्हें मौका दे दिया। जनता ऐसे ही मुद्दों पर गौर करती है और लोग इन सब बातों से प्रभावित होकर ही अपना रुझान बदलते हैं। भाजपा की ओर से सबसे बड़ी गलती केजरीवाल पर सीधा हमला करके की गई जबकि केजरीवाल ने कांग्रेस जैसी गलती नहीं की। चुनावी माहौल में केजरीवाल पर हमलावर होने के मतलब यह रहा कि उन्हें लोगों के सामने ज्यादा से ज्यादा रहने का मौका मिला। डॉ प्रकाश बताते हैं कि सियासत में यह जरूरी होता है कि विपक्षी नेता का नाम कम से कम लिया जाए। तीसरे गलती रही दिल्ली में बीजेपी के पास कोई बड़ा नेता नहीं था। इसलिए प्रधानमंत्री को मैदान में उतरना पड़ा लोगों में यह मैसेज भी गया कि केजरीवाल का मुकाबला करना प्रधानमंत्री पद पर बैठ हुए शख्स को करना शोभा नहीं देता। डॉ.विनय प्रकाश पॉलिटिकल साइंस विभाग, जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में गेस्ट लेक्चरर है।