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डाउनलोड करेंनई दिल्ली. मतगणना के जो रुझान आ रहे हैं उनके मुताबिक दिल्ली में आप की सुनामी चली है। यहां तक की बीजेपी की सीएम पद की कैंडिडेट कृष्णानगर से 2476 वोटों से चुनाव हार गई हैं। बेदी को आम आदमी पार्टी के एकके बग्गा ने हराया है। वहीं बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने भी हार की सामुहिक जिम्मेदारी लेते हुए ले अरविंद केजरीवाल को बधाई है। उपाध्याय ने राज्य बीजेपी के नेताओं को इस हार के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए केंद्र की मोदी सरकार को इस हार की जिम्मेदारी देने से बचाने की कोशिश की है।
इसके पहले बीजेपी नेता एग्जिट पोल अनुमानों को खारिज करते हुए दावा कर रहे थे कि मतगणना के बाद ये नतीजे गलत साबित होंगे। पार्टी के इस भरोसे के पीछ कारण था राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ द्वारा कराया गया आंतरिक सर्वे। सर्वे के मुताबिक पार्टी को दिल्ली में बहुत बेहतर स्थिति में 34 सीटें मिलने का अनुमान है। जिसके बाद बीजेपी नेताओं को उम्मीद थी कि उनकी इतनी बुरी हार नहीं होगी।
नतीजों से पहले क्या बोले नेता
'अगर हार हुई तो मेरी, जीत हुई तो लीडरशिप की'- किरण बेदी, बीजेपी की सीएम कैंडिडेट
'हम एग्जिट पोल को दरकिनार नहीं करते, लेकिन हमें नतीजों का इंतजार है'-बीजेपी नेता, शाजिया इल्मी
'नतीजे पूरी तरह से एग्जिट पोल से अलग रहने वाले हैं,यहां हर सीट पर कड़ा मुकाबला है'- बीजेपी उम्मीदवार आरपी सिंह
'हमें पूरी तरह भरोसा है कि नतीजे हमारे पक्ष में रहेंगे' - सतीश उपाध्याय, दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष
'हमारे नतीजे एग्जिट पोल में दिखाए गए पूर्वानुमानों से बेहतर होंगे'- हारुन यूसुफ, नेता कांग्रेस
किरण की मेहनत बेकार गई
बीजेपी की सीएम कैंडिडेट किरण बेदी ने सोमवार को ट्वीट कर विश्वास जताया था कि 'पिछले 17 दिनों में मैने 45 विधानसभाओं और 180 वार्ड के लोगों से सीधे मुलाकात की है और तकरीबन 1800 किलोमीटर की यात्रा(रोड शो) और 10 बड़ी रैलियां की हैं।' बेदी ने कहा कि इतने दिनों में मैं दिल्ली को जितना दे सकती थी मैने सब कुछ दिया। उन्होंने कहा है कि वे चुनाव नतीजों को लेकर बिल्कुल भी नर्वस नहीं हैं उन्हें उम्मीद है कि उनकी पार्टी दिल्ली में चुनाव जीत रही है। लेकिन मतगणना के बाद जो रुझान आ रहे हैं उनसे तो यही दिखाई देता है कि किरण बेदी की पूरी मेहनत बेकार साबित हो रही है।
यह थे एग्जिट पोल का अनुमान
बता दें कि विभिन्न एग्जिट पोल सर्वेक्षणों के मुताबिक, ‘आप’ को 31 से 53 सीटें और भाजपा को 17 से 35 सीटें मिलने की संभावना जताई गई थी। वहीं, लगातार 15 वर्षो दिल्ली की सत्ता पर काबिज रह चुकी कांग्रेस को ज्यादा से ज्यादा 2 सीटें मिल सकती हैं या उसका खाता भी नहीं खुलेगा। मतगणना के रुझान काफी हद तक एग्जिट पोल के करीब रहते दिखाई दे रहे हैं।
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