बाजार पर नहीं होगा बड़ा असर
- एंबिट कैपिटल CEO सौरभ मुखर्जी के मुताबिक, इसका प्रभाव बहुत ही कम समय तक पड़ेगा, क्योंकि दिल्ली के चुनाव का केंद्र सरकार पर बहुत ही कम प्रभाव पड़ेगा। गिरावट पर खरीददारी बेहतर स्ट्रैटेजी है।
- फंडामेंटल एनालिस्ट पशुपति सुब्रमण्यम कहते है कि बाजार पर दिल्ली चुनाव का खास असर नहीं होगा और आने हफ्ते में बुधवार से बाजार में फिर से रौनक लौट सकती है। हाल में आई गिरावट, बैंकों में बिकवाली और वित्तीय संस्थागत निवेशकों की मुनाफावसूली के चलते है।
- मिंट डायरेक्ट के रिसर्च हेड अविनाश गोरक्षकर का मानना है कि बाजार के लिए इस समय दिल्ली का चुनाव बड़ा ट्रिगर है। उनके मुताबिक अगर आ रहे पोल के हिसाब से आम आदमी पार्टी को बहुमत मिलता है तो BJP की हार बाजार के लिए अच्छा संकेत नहीं होगी। लेकिन रीटेल निवेशक गिरावट पर खरीददारी कर सकते है।
BofAML ने चुनाव नतीजों में BJP हार पर गिरावट की आशंका जताई
हाल में आई बैंक ऑफ अमेरिका मेरिललिंच की रिपोर्ट के मुताबिक अगर इन चुनावों में BJP की हार हुई तो बाजार में कुछ गिरावट देखने को मिल सकती है। लेकिन बाजार पर इसका बहुत ज्यादा असर नहीं होगा। अगले 2 महीनों में बाजार में 5 फीसदी तक गिरावट मुमकिन है। इसके अलावा महंगे वैल्यूएशन और कमजोर नतीजों से भी बाजार पर दबाव दिखेगा। बैंक ऑफ अमेरिका मैरिल लिंच की इस रिपोर्ट के मुताबिक 2015 में सेंसेक्स 33,000 का लक्ष्य हासिल कर सकता है। और दिल्ली में बीजेपी के लिए खराब नतीजे बस सेंटीमेंट के लिए निगेटिव होंगे।
दिल्ली की राजनीति पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं। अब तक के सर्वे में जहां इस चुनाव में आम आदमी पार्टी की स्थिति मजबूत नजर आ रही है। वहीं, मोदी लहर पर सवार होकर केंद्र की सत्ता पर कब्जा जमाने वाली BJP के लिए यह अग्निपरीक्षा के बराबर है। दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे 10 फरवरी को आएंगे।
ज्यादातर ओपिनियन पोल्स में ‘आप’ को बढ़त
ज्यादातर ओपिनियन पोल्स में अरविंद
केजरीवाल की आम आदमी पार्टी को बीजेपी पर बढ़त ले जाते हुए दिखाया जा रहा है। लोकसभा चुनावों में शानदार जीत के बाद बीजेपी ने हाल में होने वाले सभी विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की हैं, लेकिन दिल्ली में बीजेपी के लिए डगर आसान नहीं दिख रही है। अगर दिल्ली विधानसभा चुनाव में बड़ा फेरबदल होता है, तो आने वाले बिहार और उत्तर प्रदेश चुनावों पर भी इसका असर होगा।