फोटो- श्रीनगर के लाल चौक के पास पसरा सन्नाटा
श्रीनगर. प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी की रैली में शेर-ए-
कश्मीर स्टेडियम में भले ही हजारों लोगों की भीड़ काफी मुश्किल और कई किलोमीटर पैदल चलने के बाद वहां पहुंची थी। दरअसल, पीएम की रैली को देखते हुए घाटी के अलगाववादी संगठनों ने कश्मीर बंद की अपील की थी। अलगाववादियों की इस घोषणा का असर भी पूरे श्रीनगर सहित अन्य इलाकों में भी दिखाई दिया। शहर का कोई बाजार, कोई सड़क ऐसी नहीं थी जो हड़ताल की वजह से बंद नहीं थी। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर भी कर्फ्यू के जैसा माहौल था। हड़ताल में निजी वाहन, ऑटो रिक्शा, स्कूल कॉलेज, शिक्षण संस्थान तक बंद रहे। इसके चलते मोदी की रैली में पहुंचने वाले लोगों को भी लंबी दूरी तक पैदल चलकर रैली स्थल तक जाना पड़ा। हालांकि पीएम की रैली के मद्देनजर स्टेडियम तक जाने वाले रास्ते पर सुरक्षा व्यवस्था भी काफी कड़ी थी। लेकिन शहर की दूसरी जगहों का नजारा अलगाववादियों के एलान का पूरा समर्थन करता नजर आ रहा था।
उमर ने ट्वीट कर बनाया मजाक
जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में उमड़ी भीड़ पर
ट्विटर पर टिप्पणी करते हुए लिखा कि मोदी की चुनावी रैली में शामिल होने के लिए सज्जाद अली लोन के समर्थकों और
जम्मू से दूसरे लोगों को 80 ट्रकों में भरकर लाया गया। नेशनल कांफ्रेंस के कार्यकारी अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने ट्विटर पर लिखा, कि मैंने मोदी की चुनावी रैली में शामिल होने जा रहे वाहनों पर और लोगों के पास भारतीय जनता पार्टी का एक भी झंडा नहीं देखा। यह बीजेपी को मिल रहे समर्थन की कहानी का कितना अच्छा प्रतीक है। उमर ने आगे लिखा, यहां तक कि कांग्रेस के समर्थक नेताओं को भी बीजेपी की रैली में लोग जुटाने के लिए कहा गया। उन्होने लिखा कि कभी कभी राजनीति कितने अजीब लोगों को करीब लाती है।
तस्वीरों में देखें- मोदी की रैली के दौरान सूनी रहीं श्रीनगर की सड़कें