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महाराष्ट्र में 'महायुति' पर भारी शिवसेना की जिद, सीट बंटवारे को लेकर फेल हुए सभी फार्मूले

7 वर्ष पहले
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फाइल फोटो- उद्धव ठाकरे और अमित शाह
नई दिल्ली. महाराष्ट्र में बीजेपी और शिवसेना की 25 साल पुरानी दोस्ती टूट गई है। बीजेपी नेताओं की तरफ से इसका एलान कर दिया गया है। सीट बंटवारे को लेकर पिछले 15 दिनों से जारी गतिरोध आज खत्म होता दिखाई दे रहा है। महायुति में शिवसेना के नए फार्मूले से नाराज छोटे दल अब बीजेपी के साथ जा सकते हैं। बीजेपी ने यह भी साफ कर दिया है कि वह महायुति के बाकी दलों को लेकर महाराष्ट्र में अपनी आगे की राह तय करेगी।
महाराष्ट्र में टूटी 'महायुति'
महाराष्ट्र मे भाजपा- शिवसेना और अन्य दलों से मिलकर बनी महायुति अब बिखर गई है। सीटों के बंटबारे को लेकर बना हुआ संकट और सीएम पद पर शिवसेना के अड़ियल रुख के बाद बीजेपी ने यह गठबंधन तोड़ने का फैसला लिया है। सीट बंटवारे के अपने फॉर्मूले से पीछे ना हटते हुए शिवसेना ने कहा है कि वह 150 सीटों पर लड़ने के अपने फैसले से पीछे नहीं हटेगी। दूसरी तरफ महायुति के तीन दलों ने महायुति से अपने को अलग कर एक साथ मिलकर चुनाव लड़ने का फैसला लिया था।
बेनतीजा रही अबतक की बातचीत
‘महायुति’ के सहयोगियों के बीच सीटों के बंटवारे का कोई फार्मूला ढूंढने के लिए हो रही चर्चाओं का भी कोई नतीजा नहीं निकला है। शिवसेना के वरिष्ठ नेता रामदास कदम ने पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे के आवास के बाहर संवाददाताओं को बताया, ‘शिवसेना 150 से कम सीटों पर चुनाव नहीं लड़ सकती। शिवसेना ने यह भी साफ कर दिया कि महायुति को एक साथ जोड़े रखने की जिम्मेदारी अब भाजपा पर है। यदि भाजपा पांच सीटें छोड़ने के लिए राजी हो जाती है, तो भी उनके पास छह और सीटें हैं, जो हमने उनके लिए छोड़ी हैं।’ कदम ने कहा कि शिवसेना ने ‘महायुति’ को बनाए रखने के लिए पहले ही 18 सीटों का ‘त्याग’ किया है।
शिवसेना की प्रतिक्रिया पर छोटे दलों के नेताओं ने क्या कहा
एसएसपी नेता सदाभाउ खोट-

‘शिवसेना और भाजपा ने हमारी पीठ में छुरा घोंपा है। इसके बाद एसएसपी, आरएसपी एवं शिवसंग्राम पार्टी ने महायुति छोड़ने और मिलकर विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ने का निर्णय किया है।’ खोट ने कहा, ‘हम आज शाम ही अपने उम्मीदवारों की साझा सूची घोषित करेंगे।’ उन्होंने कहा कि भाजपा के दिवंगत नेता गोपीनाथ मुंडे उन्हें महायुति में लेकर आये थे। हमने उन पर विश्वास किया और महायुति में आ गये। लेकिन उनके (शिवसेना एवं भाजपा) के मकानों की आग बुझाने के प्रयास में हमारा मकान जलाया जा रहा था।’
नाराज हुए मानकर और राजू शेट्टी
- महादेव जानकर अपनी पार्टी के टिकट पर पहले ही 150 सीटों पर अलग से चुनाव लड़ाने का ऐलान कर चुके थे। शिवसंग्राम पार्टी के नेता विनायक मेटे
ने संगठन की कार्यकारणी को 50 सीटों पर उम्मीदवार घोषित करने का निर्देश भी दे दिया है।
- राजू शेट्टी ने कहा, शिवसेना ने गठबंधन के 4 साझेदारों को 7 सीटें देकर हमारा अपमान किया है। राजू ने महायुति छोड़ने की चेतावनी देते हुए कहा है
कि शिवसेना और बीजेपी सभी 288 सीटों पर चुनाव लड़कर अपने अहं को संतुष्ट कर सकती हैं।'
आगे पढ़ें - मंगलवार को आए ताजा फार्मूले से क्यों नाराज हुए महायुति में शामिल छोटे दल