पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Modi And Xingping Meet, What We Will Disscss And What We Get

मोदी और जिनपिंग मुलाकात: किन मुद्दों पर होगी बात कैसे हैं भारत चीन के व्यापारिक हालात

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
(फाइल फोटो: अहमदाबाद एयरपोर्ट पर चीनी राष्ट्रपति शी जिंगपिंग अपनी पत्नी के साथ)
नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर भारत आ रहे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का तीन दिवसीय दौरा राजनीतिक और रणनीतिक लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। इस मुलाकात के दौरान सीमा विवाद के साथ साथ व्यापारिक रिश्तों को और प्रगाण बनाने की दिशा में कई अहम करार और सहमति बन सकती है। चीन भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझीदार है, इसलिए भारत व्यापारिक मंच के जरिए देश के घाटे को भरने की भरपूर कोशिश करना चाहेगा। शी के इस दौरे के कई निहितार्थ देखे जा रहे हैं।
किन किन मसलों पर होगी बात
  • सीमा विवाद मसलों को प्रमुखता के उठाएगा भारत, शी जिनपिंग के दौरे से पहले ही चीनी सेना एलएसी पर अतिक्रमण कर चुकी है।
  • देश के व्यापार घाटे को कम करने के लिए चीन के साथ व्यापारिक रिश्तों पर हो सकती है सार्थक बातचीत।
  • दोनों देश एक दूसरे से आयात-निर्यात को लेकर नई रणनीति बना सकते हैं।
  • चीन के बीच व्यापारिक रिश्तों को सुधारने के लिए नई मुक्त व्यापार संधि पर भी हल निकलने की संभावना है।
गुजरात व चीन के बीच तीन एमओयू पर होंगे हस्ताक्षर
  • गुजरात की राजधानी और चीनी प्रांत गुआंगडोंग की राजधानी गुआंगझाऊ के बीच सिस्टर सिटी विकसित करने के लिए होगा समझौता।
  • दोनों शहरों के बीच ई-गवर्नेस, जल संसाधन, जल प्रबंधन तथा ठोस कचरा (सॉलिड वेस्ट) मैनेजमेंट के तहत तकनीकी पर समझौता होगा।
  • चीन साणंद के पास ऊर्जा उपकरण के लिए इंडस्ट्रियल पार्क स्थापित करने के लिए भी एमओयू करेगा।
ऐसा होगा पहली बार
ऐसा पहली बार होगा जब कोई विदेशी राष्ट्राध्यक्ष देश की राजधानी नई दिल्ली के बजाय गुजरात की राजधानी अहमदाबाद से अपना राजनीतिक दौरा शुरू करेगा।
भारत-चीन रिश्ते
दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं चीन और भारत के रिश्ते उतार चढ़ाव के कई दौर देख चुके हैं। अगर इन दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों की बात की जाए तो भारत से चीन को बेचे जाने वाले प्रोडक्‍स की संख्‍या काफी कम है। चीन की कंपनियां हर साल भारत को 14 अरब डॉलर की लागत वाले इलेक्‍ट्रॉनि‍क आइटम से लेकर मोबाइल फोन और टेलीवि‍जन तक एक्‍सपोर्ट कर रही हैं।

भारत और चीन व्यापारिक रिश्ते
  1. भारत चीन को लौह अयस्क और अन्य जिंसों का निर्यात करता है।
  2. चीन भारत को रेडीमेड चीजें जैसे कि मशीनरी और टेलिकॉम उपकरण देता है।
  3. भारत का भारी उद्योग कच्चे माल व तैयार उत्पाद के लिए चीन पर निर्भर है।

चीन क्‍या एक्‍सपोर्ट करता है
  1. पि‍छले तीन साल में चीन ने करीब 30 अरब डॉलर की लागत वाले इलेकट्रॉनि‍क्‍स और इलेक्‍ट्रि‍कल इक्‍यूपमेंट भारत को बेचे हैं।
  2. इंडस्‍ट्रि‍यल एवं कंज्‍यूमर बेस के लि‍ए 43 अरब डॉलर की लागत वाले इलेक्‍ट्रॉनि‍क और इलेक्‍ट्रि‍कल इक्‍यूपमेंट चीन ने बेचे हैं।
  3. चीन न्‍यूक्‍लि‍यर रि‍येक्‍टर, बॉयलर्स, मशीनरी और मशीनरी एप्‍लायंस भी बेच रहा है।
  4. साल 2013-14 के दौरान चीन 2 अरब डॉलर की लागत के ऑटोमेटि‍ड डाटा प्रोसेसिंग (एडीपी) मशीन बेची है।
  5. भारत बड़े पैमाने पर चीन से कंप्‍यूटर के सीपीयू खरीद रही है।
भारत क्‍या एक्‍सपोर्ट करता है
  1. चीन को एक्‍सपोर्ट करने वाले आइटम में करीब 53 फीसदी हि‍स्‍सा आयरन ओर का है।
  2. अन्‍य प्रोडक्‍ट्स में मरीन प्रोडक्‍ट्स, आयल सीड, सॉल्‍ट, इन ऑर्गेनि‍क कैमि‍कल्‍स, प्‍लासटि‍क, रबड, ऑपटि‍क्‍स और मेडि‍कल इक्‍यूपमेंट और डेयरी प्रोडक्‍ट्स शामि‍ल हैं।
  3. इसके अलावा, बायोटेक्‍नोलॉजी, आईटी और आईटीज, हेल्‍थ, एजूकेशन, टूरि‍जम और फाइनेंशि‍यल सेक्‍टर में भारी संभावनाएं हैं।

भारत और चीन के बीच कारोबारी रिश्ता
  1. पि‍छले तीन साल में चीन भारत को करीब 30 अरब डॉलर के इलेक्‍ट्रॉनि‍क गुड्स बेच रहा है। चीन हर साल भारत को 14 अरब डॉलर की लागत वाले
  2. इलेक्‍ट्रॉनि‍क आइटम से लेकर मोबाइल फोन और टेलीवि‍जन तक एक्‍सपोर्ट कर रहा हैं।

भारत चीन को कि‍तना एक्‍सपोर्ट करता है – 1482 करोड़ डॉलर

भारत चीन से कि‍तना इंपोर्ट करता है – 5103 करोड़ डॉलर

कुल व्‍यापार – 6585 करोड़ डॉलर
आगे पढ़ें: भारत और चीन रिश्तों की हालिया स्थिति