(फाइल फोटो: शी जिनपिंग के साथ नरेंद्र मोदी)
नई दिल्ली. चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच राजधानी के
हैदराबाद हाउस में होने वाली शिखर वार्ता में दोनों देशों के बीच करीब बारह समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं। इसमें मानसरोवर के लिए नया रूट खोला जाना सबसे अहम है। इसके अलावा जिन अन्य समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं वो पांच सालों के दौरान अर्थव्यवस्था में सुधार के तहत दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा देना, रेलवे को मजबूत करना, अंतरिक्ष, आयात-निर्यात, ऑडियो-वीडियो और मीडिया, सांस्कृतिक, स्वास्थ्य, सिनेमा से जुड़े क्षेत्र शामिल हैं।
इस शिखर वार्ता के दौरान भारत की तरफ से लद्दाख में चीनी सैनिकों द्वारा की गई घुसपैठ का भी मुद्दा उठाया गया। भारत ने कड़ी नाराजगी जताते हुए तत्काल सभी चीनी सैनिकों की भारतीय सीमा से हटने की मांग की। भारत की इस मांग का असर भी देखने को मिला और चीन ने अपनी सेना को वहां से हटने को भी कह दिया। हालांकि चीनी सेना भारतीय सीमा से थोड़ा ही पीछे हुई है। जो सेना पांच किमी भीतर घुस आई थी उसने अपने कदम दो किलो मीटर पीछे कर लिए हैं। इस शिखर वार्ता पर बौद्ध धर्म गुरू
दलाई लामा ने खुशी जाहिर करते हुए कहा है कि एशिया के लिए दोनों देशों के बीच दोस्ती जरूरी है। इससे पहले शी जिनपिंग का राष्ट्रपति भवन में आधिकारिक स्वागत किया गया। उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। शी ने कहा कि बतौर राष्ट्रपति यह भारत की उनकी पहली यात्रा है। वह भारत की यात्रा से बेहद खुश हैं। उन्होंने कहा कि इस यात्रा से दोनों देशों के रिश्तों में और अधिक मजबूती आएगी। दोस्ती से दोनों देशों को फायदा होगा। दोनों देश मिलकर बहुत कुछ कर सकते हैं।