(फाइल फोटो: केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह)
नई दिल्ली. अपने 100 दिन के कार्यकाल का लेखा जोखा पेश करते हुए देश के गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने जनता को भरोसा दिलाया कि आतंकवाद के प्रति सरकार का रूख बेहद सख्त है। उन्होंने कहा कि देश से आतंकवाद का खात्मा मोदी सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है। सिंह ने कहा कि
जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर समेत अन्य राज्यों में चल रहे आतंकवाद व उग्रवाद और माओवादी हिंसा को खत्म करने के लिए भी गृह मंत्रालय ने एक कड़ी नीति बनाई है। गृह मंत्री ने कहा कि अगर कोई भी व्यक्ति हिंसा का रास्ता छोड़कर बातचीत करना चाहता है तो वो उससे बात करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
शुक्रवार को संवाददाताओं के बीच बातचीत करते हुए राजनाथ सिंह ने सरकार के चुनावी वादों, सुरक्षा व प्राकृतिक आपदा की चुनौतियों पर सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए हल्के फुल्के अंदाज में कहा, 'गृह मंत्रालय संभालना 20-20 मैच नहीं, यह टेस्ट मैच है। हर बाल पर चौके-छक्के की उम्मीद नही करनी चाहिए।' सिंह ने कहा कि वो लंबी पारी खेलना चाहते हैं और क्रीज पर जमने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय ने आंतरिक सुरक्षा, राज्यों से संबंध, केंद्र शासित प्रदेशों का प्रशासन व आपदा प्रबंधन समेत कई क्षेत्रों में सराहनीय काम किया है। मोदी सरकार के 100 दिनों के कार्यकाल में 132 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया जो सबसे ज्यादा है।
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