इस शुक्रवार कम बजट और औसत कलाकारों की पांच फिल्में आ रही हैं। मीका सिंह और शान की "बलविंदर सिंह फेमस हो गया’, सोहा अली खान की "चार फुटिया छोकरे’, सुनील शेट्टी अभिनीत "देसी कट्टे’, रणविजय सिंह की "3 एएम’ और रघुबीर यादव अभिनीत "मैनू एक लड़की चाहिए’।
पिछले पांच साल में टियर-2 और 3 शहरों में मल्टीप्लेक्स लगातार बन रहे हैं, जिससे फिल्म स्क्रीन बढ़ रही हैं। फिल्म निर्माण में भी ज्यादा नए लोग रहे हैं। कमजोर पहलू ये है कि वे अपनी 3 से 5 करोड़ की फिल्मों का प्रचार ढंग से नहीं कर पाते, ही उन्हें बड़ी फिल्मों केे बीच जगह मिल पाती है।
आजकल प्रिंट प्रमोशन में ही कम से कम 5 करोड़ का खर्च होता है। इस हफ्ते लग रही ये पांच फिल्में महज छह दिन में अपना भाग्य परखेंगी। साल के बड़े वीकेंड यानि 2 अक्टूबर को शाहिद
श्रद्धा कपूर अभिनीत
विशाल भारद्वाज की "
हैदर' और
ऋतिक रोशन की फिल्म रिलीज हो रही है। आज से नवरात्रि भी शुरू हो रही है और इस दौरान सिनेमाघरों की भीड़ डांडिया पांडालों में बंट जाएगी।
पूरे भारत में 26 सितंबर को ये फिल्में 350 से 800 स्क्रीन पर रिलीज हो रही हैं। हालांकि कुछ शहर ऐसे हैं जहां इनमें से कोई एक ही रिलीज होगी। ऐसे स्थानों पर "दावत-ए-इश्क’, "
खूबसूरत’, "
मैरी कॉम’ और "मर्दानी’ के शो अब भी चल रहे हैं। यही हाल है 10 अक्टूबर का। उस शुक्रवार भी ऋचा चड्ढा की "तमंचे’, नेहा धूपिया की "इक्कीस तोपों की सलामी’, "जिगरिया’ और "स्पार्क’ रिलीज होंगी।
ट्रेड विशेषज्ञ इन फिल्मों की सफलता की संभावना बेहद कम पाते हैं। दीपावली से 15 दिन पहले के मंद दौर में फिल्म रिलीज करना भी सुरक्षित नहीं माना जाता। कम बजट की फिल्मों की सफलता का अनुपात वैसे भी 50 असफल पर 1 सफल फिल्म का है।
इसमें भी सफलता के लिए दमदार सपोर्टिंग कास्ट और हिट म्यूजिक जरूरी है। 26 सितंबर और 10 अक्टूबर के सप्ताह में "तमंचे’, "3 एएम’, "देसी कट्टे’ और मीका की फिल्म ठीक-ठाक कर सकती हैं।