3- विनोद के फिल्म करियर के मौसम को खुशनुमा बनाने में अभिनेत्री मौसमी चटर्जी का जबरदस्त हाथ है। शक्ति सामंत की फिल्म 'अनुराग' (1972) में मौसमी-विनोद पहली बार साथ आए। इसके बाद फिल्म 'उस पार' (बसु चटर्जी), 'दो झूठ' (जीतू ठाकुर) और 'स्वर्ग नरक' (दसारी नारायण राव) में विनोद मौसमी के नायक बने।
4- विनोद को ए ग्रेड के बजाय बी ग्रेड फिल्मों में अभिनय करने के ऑफर भी मिले, क्योंकि बड़े निर्देशकों की फिल्मों में उन्हें ज्यादातर सेकेंड लीड हीरो माना गया।
5- फिल्मों के साथ ही वे अपने अफेयर के लिए भी हमेशा खबरों में बने रहे। विनोद मेहरा ने तीन शादियां की। मीना ब्रोका उनकी पहली पत्नी थी। शादी-शुदा विनोद का दिल बिंदिया गोस्वामी पर आ गया, जिनके साथ विनोद उन दिनों कई फिल्मों में काम कर रहे थे। विनोद और बिंदिया की शादी भी लंबे समय तक टिक नहीं पाई और बिंदिया से वे अलग हो गए।
6- इसके बाद किरण से उन्होंने विवाह रचाया। किरण और विनोद की एक बेटी सोनिया और एक बेटा रोहन है। सोनिया मेहरा पिछले दिनों कुछ फिल्मो में भी नजर आईं।
8- विनोद मेहरा और रेखा की नजदीकियां और रोमांस की चर्चाएं बॉलीवुड में कई दिनों तक सुर्खियों में रही। कहा जाता है कि दोनों ने शादी भी की थी। हालांकि असलियत कोई नहीं जानता।
9- विनोद के करियर की यादगार फिल्म और किरदार की बात करे तो 'अनुराग' (1972), 'नागिन' (1976), 'अनुरोध' (1977), 'साजन बिना सुहागन' (1978), 'जानी दुश्मन' (1979), 'बिन फेरे हम तेरे' (1979), 'द बर्निंग ट्रेन' (1980), 'साजन की सहेली' (1981), 'बेमिसाल' (1982), हमेशा से सिने प्रेमियों को पसंद आती रही हैं।