मुंबई. 26/11 हमले का आरोपी आतंकी डेविड कोलमैन हेडली इन दिनों चर्चाओं में हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हेडली महेश भट्ट के बेटे और एक्स 'बिग बॉस' कंटेस्टेंट राहुल भट्ट का अजीज रह चुका है। दोनों के बीच इतनी अच्छी दोस्ती थी कि राहुल जहां उसमें अपने पिता की छवि देखते थे। वहीं, हेडली ने 26/11 हमले से पहले ही राहुल को मेल कर साउथ मुंबई की ओर न जाने की सलाह दी थी। कैसे हुई दोस्ती और क्या राहुल जानते थे कि हेडली आतंकवादी है? डालते हैं पूरी कहानी पर एक नजर...
34 साल के राहुल भट्ट फिटनेस ट्रेनर और बॉडी बिल्डर हैं। 26/11 हमले के करीब एक साल बाद उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि डेविड से उनकी मुलाकात मुंबई की अमेरिकन जिम में हुई थी। वे वहां फिटनेस इंस्ट्रक्टर थे और एक कॉमन फ्रेंड (विलास वरक) ने यह कहकर उन्हें डेविड से मिलाया था कि वह उनसे ट्रेनिंग चाहता है। इसी दौरान उनकी दोस्ती हुई। राहुल ने यह भी बताया था कि वे हेडली से अक्सर नहीं मिलते थे, बल्कि उनकी मुलाकात 8-10 बार ही हुई थी।
राहुल नहीं जानते थे कि आतंकी है हेडली...
राहुल ने एक इंटरव्यू में बताया था कि वे नहीं जानते थे कि हेडली आतंकवादी है। उनके अनुसार, वे जिस हेडली को जानते थे, वह एक अलग शख्स था, जिसे अच्छे कपड़े पहनना पसंद था, जो बच्चों और भारतीय महिलाओं से प्यार करता था। दाउद गिलानी जैसे मास्टर माइंड से जिसका कोई नाता नहीं था। इतना ही नहीं, राहुल की मानें तो वे उसे डेविड अरमानी के नाम से भी जानते थे, क्योंकि उसे अरमानी सूट बहुत पसंद थे। वह भारत के बारे में खाने से लेकर हर चीज को पसंद करता था।
हेडली में पिता की छवि देखते थे राहुल...
राहुल भट्ट पर लिखी गई बुक 'हेडली एंड आई' में इस बात का खुलासा किया है कि वे हेडली में अपने पिता की झलक देखते थे। वे इस बात से बिल्कुल अनजान थे कि डेविड मुंबई किसलिए आया। हां, एक बार उसने इशारों-इशारों में किसी तबाही की बात जरूर कही, लेकिन उस वक्त वे इसे समझ नहीं सके। उनकी मानें तो जब उन्हें डेविड की असलियत के बारे में पता चला तो वे शॉक्ड रह गए। इस बुक में राहुल की लाइफ को दो भागों में बांटा गया है। हेडली के पहले और हेडली के बाद। बता दें कि बुक को जर्नलिस्ट एस हुसैन जैदी ने लिखा है।
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