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Star lifestyle: पतली दिखने में नहीं, हेल्दी रहने में विश्वास रखती हैं अक्षरा

6 वर्ष पहले
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'शमिताभ' में अपनी मासूमियत और अदाकारी से प्रभावित करने वाली अक्षरा हसन ने अपनी लाइफस्टाइल के बारे में बताया:
शक्लो-सूरत में अपनी मां की दिखने वाली अक्षरा हसन उनसे काफी प्रभावित भी हैं। स्टाइल में भी काफी हद तक उन्हें फॉलो करने की काेशिश करती हैं। अपनी स्टाइलिंग को लेकर बताती हैं, "मैं कपड़ों के चयन को लेकर बहुत सतर्क रहती हूं। ओकेज़न के हिसाब से ही ड्रेसअप होना मुझे अच्छा लगता है।' वे डांसिंग का खूब शौक रखती हैं और उनकी ख्वाहिश प्रभु देवा और ऋतिक रोशन के साथ काम करने की है। अपनी फिटनेस, फूड पर वे बताती हैं:
Food habits: खाना तो मैं 24 घंटे खा सकती हूं। मैं कितनी बड़ी फूडी हूं इसका अंदाज़ा आप इस बात से लगा सकते हैं कि लंच के एक घंटे बाद ही मुझे फिर से भूख लगने लगती है। मुझे सबसे अच्छा घर का बना खाना ही लगता है। वैसे कभी-कभी जंक फूड भी खा लेती हूं, लेकिन अगले दिन वर्कआउट भी ज्यादा करती हूं।
Fitness mantra: मुझे ज्यादा पतली होना पसंद नहीं। मैं हेल्दी रहना चाहती हूं। इसके लिए वर्कआउट करती हूं। मेरा मेटाबॉलिज़्म बहुत अच्छा है, इसलिए प्लान करके वर्कआउट करती हूं। मुझे फिट रखने में डांस का भी बड़ा योगदान है। वेस्टर्न डांस के साथ-साथ भरतनाट्यम और कुचिपुड़ी की विधिवत ट्रेनिंग ली हुई है। फिटनेस के अलावा डांस एक्टिंग करते हुए हाव-भाव में भी मदद करता है। स्पोर्ट्स में मुझे फुटबॉल पसंद है। बचपन में खूब फुटबॉल खेली है लेकिन अब नहीं खेलती क्योंकि चोट लगने का डर लगता है।
Hair and Make-up: मेकअप में मुझे सिर्फ आईलाइनर लगाना पसंद है। जब एडी (असिस्टेंड डायरेक्टर) थी तो पसीने से लथपथ भागदौड़ में लगी रहती थी। कभी शर्ट से मंुह पोंछ लेती थी, भूल जाती कि आई मेकअप फैल जाएगा। एक्ट्रेस बनने के बाद कई बार ऐसा ही किया और मेरा आई मेकअप भी खराब हुआ। ऐसे में दादा से मलमल का कपड़ा या फर टिश्यू पेपर लेकर उसे ठीक किया। हेयर की बात करूं तो मुझे इसमें एक्सपेरीमेंट करना अच्छा लगता है। मैं बाल लंबे ही रखती थी, लेकिन इतने छोटे बाल तो फिल्म शमिताभ के लिए ही किए। बालों की सेहत के लिए नारियल का तेल परफेक्ट है।
Travel tale: घूमना-फिरना मुझे बहुत पसंद है। मैं 2009 से मुंबई में हूं और चप्पा-चप्पा देखा हुआ है। इस शहर में कई ऐसी जगहें हैं, जिनके बारे में किसी को भी पता नहीं। मैं ऐसी ही जगहोंे को खोजना और वहां जाना पसंद करती हूं। देश-विदेश में जहां भी जाती हूं, वहां की पारंपरिक चीजों को खरीदना मेरी हॉबी है। हर जगह का कल्चर समझने और वहां का इतिहास जानने की कोशिश करती हूं।