(फाइल फोटो : नसीरुद्दीन शाह)
'एंड देन वन डे' को नसीर ने 2002 में लिखना शुरू किया। दोस्त श्याम बेनेगल, गिरीष कर्नाड, रामचंद्र गुहा और भाइयों को फिर पढ़ने दी और रिस्पॉन्स अच्छा मिला। अब दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में 26 सितंबर को बुक लॉन्च होगी। नसीर ने बताया कि पहले अपनी कहानी लिखने को लेकर वे पशोपेश में थे। कि भला लोग उनकी कहानी क्यों पढ़ेंगे? बुक में ऐसी घटनाएं हैं जिनका उनके जीवन पर गहरा असर रहा।
उन्होंने बताया, 'इसमें कुछ अच्छी-बुरी बातें हैं। लेकिन मेरी जिंदगी बदली भी इन्हीं से। पता नहीं मैं कितनी बेहतर मिसाल हूं। मैं वो न बना जो मेरे पिता बनाना चाहते थे, न अपने बेटों को कोई रास्ता बताया। बुक में उस औरत का जिक्र है जो मेरी जिंदगी में सबसे जरूरी है। उनका भी जो पहले हिस्सा रहीं। ईमानदारी बरतने की पूरी कोशिश की है। कुछ सच आगे के लिए छोड़ा है।'