पिछले हफ्ते एक कोर्ट ऑर्डर द्वारा ओम पुरी और उनकी पत्नी नंदिता को एक ज्यूडिशियल सेपरेशन मिल गया।
कोर्ट ने अपने फैसले में सिद्धांतत: दोनों को अपने-अपने रास्ते जाने और अपने मुताबिक जीवन जीने का अधिकार दे दिया है, वहीं वे कानूनी रूप से विवाहित रहेंगे।
एक फैमिली फ्रेंड ने बताया, "ओम के लिए ये राहत है कि उन्हें अपने 18 साल के बेटे ईशान से मिलने के असीमित अधिकार दिए गए हैं। वो अब वयस्क है और उसे अपने माता-पिता दोनों की जरूरत है।
ओम का सबसे बड़ा डर ये था कि शादी की टूटन बेटे से उनके रिश्ते को कहीं खराब न कर दे। लेकिन कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट रूप से बेटे से मिलने के संपूर्ण अधिकार दिए हैं। वे उससे कभी भी, कितनी भी देर के लिए मिल सकते हैं।
पिछले हफ्ते ओम ईशान के साथ खंडाला गए भी थे।’ इस मामले में सिर्फ एक शर्त रखी गई है। वो ये कि जब भी ओम और नंदिता मुलाकात करेंगे तो उनके साथ किसी तीसरे का होना अनिवार्य है। तीसरे पक्ष के बगैर उनकी मुलाकात नहीं हो सकती।