पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Shahrukh Talks Emotionally To Salim Khan

इफ्तार पार्टी में सलमान के पिता से शाहरुख ने की थीं भावुक करने वाली बातें, जानिए

8 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
सलमान-शाहरुख के गले मिलने को मीडिया में जितना महत्‍व दिया गया उस पर सलीम खान ने गंभीर प्रतिक्रिया दी है। सितारों का अहंकार बहुत विराट होता है और उनके इर्द-गिर्द जमा लोग इस आग को हवा देते हैं, क्योंकि मनसबदारी में वे अपना स्थान सुरक्षित रखना चाहते हैं। कुछ पत्रकार कल्पना कर लेते हैं और कुछ दरबारी भी खबरी बन जाते हैं। उसका मजेदार पक्ष यह है कि ‘मौका-ए-वारदात’ पर मौजूद रहने का दावा करने वाले वहां कभी होते ही नहीं। इसी तरह की बातों ने फिल्म उद्योग को दो खेमों में बंटा हुआ कुछ इस तरह से प्रस्तुत किया, मानो दो पड़ोसी मुल्कों की शत्रुता हो। शाहरुख खान की अंतरंग मित्र प्रियंका चोपड़ा के सलमान खान के घर देर रात तक देखे जाने को बहुत तूल दिया गया, परंतु न सलमान खान की किसी फिल्म में वह ली गईं, न शाहरुख खान से उनके रिश्ते में कड़वाहट आई। इस उद्योग के तमाम रिश्ते और समीकरण हर शुक्रवार को बॉक्स ऑफिस परिणाम से बदल जाते हैं, परंतु ऐसा भी नहीं है, सारे रिश्ते वैसे ही हैं। कुछ चुनिंदा रिश्ते स्थायी हैं। हर उद्योग और हर क्षेत्र में अच्छे-बुरे लोग समान रूप से रहते हैं। औद्योगिक घरानों में गहरी प्रतिद्वंद्विता रहती है, वहां भी शिखर पर जाने या बने रहने का संघर्ष चलता रहता है। राजनीतिक क्षेत्र के वैमनस्य का जिक्र करना तो बेकार है। सभी क्षेत्रों में हमेशा बिचौलिए रहे हैं। जेपी दत्ता की फिल्म ‘बंटवारा’ के एक दृश्य में एक युवा पूछता है कि रियासतों का जमाना आजादी के बाद लद जाएगा, तब बिचौलियों का क्या होगा? अनुभवी बिचौलिया कहता है कि हर युग में बिचौलिए रहे हैं, स्वतंत्र भारत में भी रहेंगे। सच तो यह है कि स्वतंत्र भारत तो बिचौलियों का स्वर्णकाल सिद्ध हुआ।
आगे पढ़ें: शाहरुख ने कहा, सलमान के पास तो मार्गदर्शन के लिए आप मौजूद हैं

अमिताभ बच्चन ने पोती के लिए खरीदा 50 करोड़ का बंगला

दीपिका को गोद में लेकर 800 कदम चले शाहरुख, जानें 'चेन्‍नई एक्‍सप्रेस' से जुड़ी पांच दिलचस्‍प बातें...

'वीरू' की पसंद वैभव से नवंबर में होगी अहाना की शादी, सगाई में नहीं आए सनी-बॉबी, देखें PICS

अन्‍य अहम खबरें