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MOVIE REVIEW: \'इसक\'

8 वर्ष पहले
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बॉलीवुड में प्रेम कहानियों पर फिल्म बनाने पर हमेशा ही जोर दिया गया है। अब तक न जाने कितनी फिल्में रोमांस पर बन चुकी हैं। अब ‘इसक’ में अंग्रेजी के मशहूर लेखक विलियम शेक्सपियर के क्लासिक नाटक ‘रोमियो एंड जूलियट’ को भारतीय अंदाज में पेश किया गया है।

'इसक' का निर्देशन मनीष तिवारी ने किया है, जो दिल दोस्ती नाम की फिल्म बना चुके हैं। बनारस और उसके आसपास के इलाकों पर बनी इस फिल्म में वहां के रेत माफिया और नक्सलवादियों द्वारा की जाने वाली हिंसा को दिखाया गया है। इस रेत माफिया को बनारस को दो परिवारों कश्यप और मिश्रा द्वारा चलाया जाता है।

ये दोनों ही परिवार एक-दूसरे के दुश्मन हैं। कश्यप की एक 18 साल की बेटी है, जिसका नाम ‘बच्ची’ है। वहीं, दूसरी ओर मिश्रा का एक बेटा है राहुल जो इश्कमिजाज़ है।

बच्ची और राहुल का आमना-सामना होता है और दोनों एक-दूसरे को चाहने लगते हैं। विरोधी परिवारों के जवान लड़के-लड़की के प्यार में पड़ने की कहानी को हम परदे पर कई बार देख चुके हैं।

यह कहानी भी कुछ इसी तरह आगे बढ़ती है। दोनों परिवारों की लड़ाई युद्ध में बदल जाती है। वहीँ, बच्ची-राहुल इन सबसे दूर रहकर अपने प्यार में खोए रहना पसंद करते हैं। दोनों को इस बात का जरा भी डर नहीं कि इनकी नजदीकी का जब इनके परिवारों को पता चलेगा तो क्या अंजाम होगा।

जब इनके परिवारों को यह बात पता चलती है तो दुश्मनी की हद पार होने लगती है और फिर मारधाड़ और कई उतार-चढ़ाव फिल्म में देखने को मिलते हैं।

एक्टिंग: रोमियो जूलियट की प्रेमकथा पर बनारस की पृष्ठभूमि पर बनी 'इसक' में प्रतीक के अलावा अमाइरा दस्तूर, रवि किशन, राजेश्वरी सचदेवा, मकरंद देशपांडे और नीना गुप्ता की मुख्य भूमिका है।

बनारस के लड़के के किरदार में प्रतीक का काम बढ़िया है। शायद उन्हें एक्टिंग के गुण अपनी स्वर्गीय मां स्मिता पाटिल और पिता राज बब्बर से मिले हैं। उन्हें इससे पहले इतने देसी अंदाज में शायद ही आपने देखा होगा।

वहीं, उनकी प्रेमिका बनी अमाइरा दस्तूर की यह पहली फिल्म है। इसलिए एक्टिंग के लिहाज से उन्हें अभी काफी मेहनत करनी पड़ेगी। हालांकि, उनकी खूबसूरती और मुस्कान आपका मन मोह लेती है।

निर्देशन: फिल्म की लोकेशन बनारस है, जिसे आप हाल ही में आई फिल्म 'रांझना' में भी देख चुके हैं। मनीष तिवारी ने बड़ी खूबसूरती से शेक्सपियर के नाटक को देसी अंदाज में पिरोया है। दो परिवारों के द्वंद्व को उन्होंने बेहतरीन ढंग से फिल्माया है।

क्यों देखें: कलाकारों की बेहतरीन एक्टिंग, सधे हुए निर्देशन और देसी अंदाज की फिल्में पसंद करते हैं तो इस फिल्म को वीकेंड पर देख सकते हैं। हमारी और से इसे 3 स्टार।