भोपाल. बॉलीवुड एक्टर
आमिर खान सोमवार को भोपाल आए। आमिर विशेष रूप से दैनिकभास्कर ग्रुप के संस्कार वैली स्कूल के राउंड स्क्वेयर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने आए थे। राउंड स्क्वेयर दुनिया के पांच महाद्वीपों के स्कूलों का ग्रुप है।
राउंड स्क्वेयर पर्सनैलिटी डेवलपमेंट और स्किल डेवलपमेंट के साथ एकेडमिक एक्सीलेंस के लिए काम करता है। यह यूके की रजिस्टर्ड चैरिटी संस्था है। दुनियाभर में 100 से ज्यादा स्कूल इसके मेंबर हैं।
आमिर खान ने दीप प्रज्ज्वलित कर कॉन्फ्रेंस की औपचारिक शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने दिल खोलकर अपनी लाइफ, फिल्मों और सत्यमेव जयते शो के बारे में बताया।
असफलता से हुई निराशा मगर निराशा से ही मिला टर्निंग प्वाइंट:
आमिर ने अपने जीवन के निराशा भरे दौर का भी जिक्र किया और कहा, "मेरी पहली फिल्म हिट होने की बाद मेरी आगे की तीन-चार फिल्में बुरी तरह फ्लॉप हो गई थीं। हर तरफ मुझे कहा जाने लगा 'वन फिल्म वंडर'। यह ऐसा समय था जब मैं बहुत दुखी था। मैं इस वजह से दुखी था क्योंकि मैं अपने काम से खुश नहीं था। मुझे पता था कि जो मैं कर रहा हूं, वो अच्छा नहीं है। मैं रोज रात को घर जाकर रोता था। ऐसे में, एक दिन मैंने ठाना कि अबसे वही काम करूंगा जिससे मुझे ख़ुशी मिलेगी। उसी वक्त मुझे महेश भट्ट ने एक फिल्म ऑफर की। महेश भट्ट साहब 'अर्थ' और कई बेहतरीन फिल्में बनाकर उस वक्त छाए हुए थे।
उन्होंने मुझे एक स्क्रिप्ट सुनाई। उन्होंने मुझसे कहा कि क्या ख्याल है, मैंने कहा मुझे सोचने के लिए 24 घंटे दीजिये...। इसके बाद मुझे कुछ वक्त मिल गया। दूसरे दिन मैंने भट्ट साहब से कहा कि मुझे स्क्रिप्ट पसंद नहीं और माफ़ कीजियेगा मैं इसे नहीं कर पाऊंगा। यही फैसला मेरी लाइफ का टर्निंग प्वाइंट भी साबित हुआ। अगर उस दिन मैं जो काम नहीं करना चाहता था, उसे करने के लिए हां कहता तो शायद आज मैं उस मुकाम पर नहीं होता जहां मैं हूं। मैं बच्चों से यह कहना चाहता हूं कि लाइफ में जिसमें ख़ुशी मिले, वो काम करें। कई बार हमारे सामने ऐसे बहुत से पड़ाव आते हैं, जब हमारे लिए एक रास्ता चुनना बहुत कठिन हो जाता है। मुश्किलों से घबराएं नहीं, बल्कि उनका सामना करें। अगर मैं उस फिल्म को साइन कर लेता तो शायद करियर के इस मुकाम पर न होता जहां आज हूं।"
आगे जानिए और क्या बोले आमिर: