आदित्य चोपड़ा की अर्जुन कपूर एवं ऋषि कपूर अभिनीत
‘औरंगजेब’ का प्रदर्शन होने जा रहा है। यह एक परिवार के दो सदस्यों की विपरीत सोच के कारण उत्पन्न संघर्ष की कहानी है। एक सदस्य का विचार है कि परिवार के लिए अपने सपनों का त्याग करना चाहिए, दूसरे का विश्वास है कि सपनों की खातिर अपनों की कुर्बानी दे देना चाहिए अर्थात कामयाबी किसी भी शर्त पर प्राप्त करना है। फिल्म का टाइटिल औरंगजेब इसलिए है कि उसने तख्त के लिए अपने भाइयों का कत्ल किया। (
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इतिहासकार
औरंगजेब के प्रति उदार नहीं रहे, परंतु कुछ लोगों का विचार है कि औरंगजेब एकमात्र मुगल सम्राट था, जो सादगी से रहता था और खुद के खर्च का पैसा चटाइयां बुनकर कमाता था। उसने जजिया कर समान रूप से लगाया। पहले मौलवी और ब्राह्मण जजिया से मुक्त थे, उसने इस कर मुक्ति को खारिज कर दिया, अत: मौलवियों और ब्राह्मणों ने उसके खिलाफ कई मनगढ़ंत कहानियां प्रचारित कर दीं। उसके दौर में मुगल प्रशासन में कसावट थी और उसने सरकारी धन स्वयं के शौक या सनक पर कभी खर्च नहीं किया, उसने कोई शानदार इमारत नहीं बनाई। अहमदाबाद के एक व्यापारी ने उसके दुश्मन भाई को उसके खिलाफ जंग के लिए पैसे उधार दिए थे और औरंगजेब ने अपने ही खिलाफ लिए गए कर्ज की अदाएगी की और एक मंदिर के लिए जमीन भी दी। नोबल पुरस्कार विजेता अमत्र्य सेन के शोध में इस तरह की अनेक बातें लिखी हैं। यह भी दर्ज है कि बुरहानपुर के निकट राजकुमारी जैनाबादी से उन्होंने असफल इश्क किया और विरह गीत भी लिखे।