मुंबईः बॉलीवुड के बगीचे को यश चोपड़ा ने अपने डायरेक्शन से 53 सालों से भी ज्यादा समय तक महकाया। यश जी अब दुनिया को अलविदा कह चुके हैं, लेकिन उनकी बनाई गईं यादगार फिल्में आज भी उनकी बनाई बगिया को महका रही हैं। यश चोपड़ा को डायरेक्टर के साथ प्रोड्यूसर और स्क्रिप्ट राइटर के तौर पर भी जाना जाता है। 27 सिंतबर, 1932 को लाहौर, पंजाब में जन्मे यश जी आज 82वीं बर्थ एनिवर्सरी है।
यश जी ने बॉलीवुड में अपने करियर की शुरुआत भाई बी. आर. चोपड़ा के साथ 1959 में 'धूल के फूल' से की थी। इस ड्रामा फिल्म में माला सिन्हा, राजेंद्र कुमार और लीला ने अभिनय किया था। यश जी को बड़ी सफलता साल 1973 में फिल्म 'दागः ए पॉयम ऑफ लव' से मिली। इसके बाद उन्होंने 'दीवार', 'कभी कभी', 'त्रिशूल', 'दूसरा आदमी', 'मशाल', 'फासले', 'विजय', 'चांदनी', 'लम्हे', 'परंपरा', 'डर', 'दिल तो पागल है', 'वीर जारा', 'जब तक है जान' जैसी कई सुपरहिट फिल्में दीं। 'जब तक है जान' उनके करियर की आखिरी फिल्म थी। इस फिल्म की रिलीजिंग से पहले ही उनका देहांत हो गया था।
व्हाइट ड्रेस को बनाया कामयाबी का मंत्र
यश चोपड़ा की फिल्मों की एक खास बात ये थी कि वो फिल्म की हीरोइन्स को व्हाइट ड्रेस जरूर पहनाते थे। उन्हें ऐसा लगता था कि फिल्म की कामयाबी के लिए ये जरूरी है। अच्छी बात ये भी थी कि उनका ये एक्सपेरिमेंट सफल भी रहा। यानी यश जी कामयाबी के लिए काला जादू नहीं बल्कि व्हाइट मैजिक का इस्तेमाल करते थे।
उन्होंने ऐश्वर्या राय बच्चन को 'मोहब्बतें', श्रीदेवी को 'चांदनी' और 'लम्हे', जूही चावला को 'डर', माधुरी दीक्षित को 'दिल तो पागल है', प्रिटी जिंटा को 'वीर जारा', रेखा को 'सिलसिला', रानी मुखर्जी को 'साथिया',
कैटरीना कैफ को 'जब तक है जान' और 'मेरे ब्रदर की दुल्हन', अनुष्का को 'रब ने बना दी जोड़ी' और 'बैंड बाजा बारात', काजोल को 'फना' जैसी फिल्मों में व्हाइट ड्रेस जरूर पहनाई। इनमें से कई फिल्में तो ऐसी थीं जिसमें हीरोइन ने पूरी फिल्म में व्हाइट ड्रेस पहनी।
आगे की स्लाइड्स पर यश चोपड़ा की ऐसी ही एक्ट्रेसेस की तस्वीरें देखिए, जिन्होंने फिल्म में व्हाइट ड्रेस पहनी...