(रानी मुखर्जी का फाइल फोटो)
मुंबई। बॉलीवुड एक्ट्रेस रानी मुख़र्जी के अभिनय से सजी डायरेक्टर प्रदीप सरकार की फिल्म 'मर्दानी' का प्रीमियर पोलैंड में 28 जनवरी की शाम हुआ। इस प्रीमियर पर अभिनेत्री रानी मुख़र्जी मौजूद थीं। प्रीमियर पोलैंड की राजधानी वॉरसा के सबसे पुराने आर्ट हाउस में से एक किनो मुरानो थिएटर में हुआ। पोलैंड में 'मर्दानी' 5 फरवरी को रिलीज़ हुई। पिछले साल भारत में रिलीज हुई मर्दानी को
बॉक्स ऑफिस पर सफलता के साथ-साथ समीक्षकों की भी काफी तारीफ मिली थी। पोलैंड में हुए प्रीमियर के बाद वहां भी दर्शकों ने मर्दानी को काफी पसंद किया है।
बता दें कि रानी ने 'मर्दानी' में क्राइम ब्रांच की पुलिस ऑफिसर शिवानी शिवाजी रॉय की भूमिका निभाई है। फिल्म 'मर्दानी' में बच्चों की तस्करी और देह व्यापार जैसे मुद्दे को उठाया गया है। शायद इस फिल्म को पोलैंड में भी इसी वजह से प्रदर्शित किया गया, क्योंकि यूरोपियन देशों के साथ ही पोलैंड में भी बच्चों की तस्करी और देह व्यापार जैसे अपराध बड़ी संख्या में होते हैं।
Dailybhaskar.com ने रानी मुखर्जी के पोलैंड से लौटने के बाद उनसे बातचीत की। पेश है बातचीत के प्रमुख अंश
सवाल : बच्चों की तस्करी जैसे विषय पर बनी बॉलीवुड की एक्शन फिल्म 'मर्दानी' को पोलैंड में पोलिश सब-टाइटल्स के साथ रिलीज किया जाना और फिल्म को मिल रही प्रशंसा क्या आपके लिए सरप्राइज करने वाली है?
जवाब : दरअसल, पोलैंड के दर्शक इस बात से सरप्राइज्ड और खुश हैं कि भारतीय सिनेमा किस तरह आगे बढ़ रहा है और अंतरराष्ट्रीय पटल पर भारतीय फिल्में बेहतरीन प्रदर्शन कर रही हैं। मैं इस फिल्म को मिल रही सराहना से कतई सरप्राइज्ड नहीं हूं। मैं जानती हूं कि मर्दानी मेनस्ट्रीम (मुख्यधारा) फिल्म नहीं है। बच्चों की तस्करी और शोषण ग्लोबल इश्यू हैं। पोलिश लड़कियों की बड़े पैमाने पर तस्करी हो रही है। यही वजह है कि 90 फीसद पोलिश ऑडियंस ने फिल्म की मूल भावना से खुद को अटैच किया। अगर फिल्म सही विषय पर बनी है तो उसके लिए भाषा का कोई बंधन नहीं होता। एक बार फिर यह साबित हो गया है कि अच्छी फिल्म अपना दर्शक हर जगह ढूंढ ही लेती है बिना किसी भाषा की दीवार के। पोलिश लोगों सोचते थे कि इंडियन सिनेमा मतलब डांस और गाने लेकिन 'मर्दानी' इनसे अलग है। इसमें एक दमदार और ग्लोबल इश्यू का उठाया गया है।
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