मुंबई। 'इस इलाके में नए आए हो साहब! वरना शेर खां को कौन नहीं जानता।' बॉलीवुड के सीनियर एक्टर प्राण अपनी खनकदार आवाज़ और रौबीले अंदाज़ में यह डायलॉग कुछ इस तरह कह गए कि आज भी इसे सुनकर बदन में बिजली-सी दौड़ जाती है। ये प्राण की अदाकारी का जलवा ही था कि 70 और 80 के दशक में बतौर फीस उन्हें फिल्म के हीरो से ज्यादा पैसे मिलते थे। प्राण का जन्म 12 फरवरी 1920 को दिल्ली में लाला केवलकृष्ण सिकंद के घर हुआ था। प्राण का मध्यप्रदेश व उत्तरप्रदेश से खासा लगाव था। उनकी शिक्षा-दीक्षा पंजाब के कपूरथला के अलावा उत्तर प्रदेश के उन्नाव, मेरठ व रामपुर, उत्तराखंड के देहरादून और मध्यप्रदेश में हुई थी।
...जब हीरो से ज्यादा पैसे मिलते थे प्राण को
1969 से 1982 के बीच प्राण की कामयाबी का ऐसा दौर भी आया, जब उन्हें फिल्म के हीरो से ज्यादा पैसे मिलने लगे। उस दौर में उन्हें
अमिताभ बच्चन, विनोद खन्ना और शत्रुघ्न सिन्हा जैसे बड़े एक्टर्स से भी ज्यादा फीस मिलती थी। 70-80 के दशक में तो सिर्फ राजेश खन्ना को ही प्राण से अधिक पैसे मिलते थे। पांच दशक के कॅरियर में प्राण ने 400 से ज्यादा फिल्मों में हर तरह का किरदार निभाया।
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