हॉलीवुड की मशहूर एक्ट्रेस एंजलिना जोली की गिनती दुनियाभर की उन एक्ट्रेस में होती हैं, जो मानवाधिकार और सामाजिक मुद्दों को लेकर बेहद संवेदनशील हैं। अब एंजलिना ने बाल विवाह के खिलाफ आवाज बुलंद की है।
हाल ही में एक मैग्जीन को दिए गए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि आमतौर पर विकासशील देशों में एक तिहाई लड़कियों की शादी 18 वर्ष उम्र होने से पहले ही कर दी जाती है। एंजलिना ने इसे गलत बताया है।
उनका मानना है कि एक उम्र से पहले लड़कियों की शादी होने से न केवल उनकी आजादी और सपनों का दमन होता है बल्कि जल्दी मां बनने के कारण उनका जीवन भी खतरे में पड़ जाता है।
फिल्म भी बनाई है: बाल विवाह के खिलाफ 2014 में ही एंजलिना ने इथोपिया के फिल्म मेकर के साथ मिलकर "डिफरेट' नामक फिल्म बनाई है।
फिल्म के टाइटल का हिंदी में अर्थ साहस होता है। फिल्म एक 14 वर्षीय बच्ची की कहानी है, जो अभी शादी नहीं करना चाहती है। उससे शादी का इच्छुक व्यक्ति उसे किडनैप कर रेप कर देता है। इसके बाद बच्ची उस व्यक्ति को मार डालती है, जिसके कारण उसे मौत की सजा मिल जाती है, लेकिन अंत में कोर्ट उसे दोषी न मानते हुई रिहा कर देता है।
एंजलिना की यह फिल्म सनडैंस फिल्म फेस्टिवल और बर्लिन इंटरनेशल फिल्म फेस्टिवल में अवार्ड जीत चुकी है।
पहले भी करती रही हैं ऐसा काम: एंजलिना जोली वर्ष 2001 से खुद को पूरी तरह मानवाधिकार और चैरिटी के लिए समर्पित कर चुकी हैं।
आज वे करीब 30 चैरिटी और फाउंडेशन्स से जुड़ी हुई हैं। इनमें सिनेमा फॉर पीस, डायरेक्ट चेंज, ग्लोबल एक्शन फॉर चिल्ड्रेन, जॉली-पिट फाउंडेशन, पीस वन डे, यूनीसेफ, वुमन इन द वर्ल्ड फाउंडेशन और हैती फाउंडेशन प्रमुख हैं।
इनके अलावा जोली यूनाइटेड नेशन्स हाई कमिश्नर फॉर रेफ्यूजीज (यूएनएचसीआर) की स्पेशल एन्वॉय भी हैं और करीब 30 देशों का दौरा कर चुकी हैं।