(माउंट एवरेस्ट की चोटी)
पहाड़ों पर चढ़ाई करना हमेशा से एडवेंचरस एक्सपीरियंस होता है। काफी मुश्किलों और थकान के बाद जब आप चोटी पर पहुंचकर
खूबसूरत दृश्य देखते हैं, तो ऐसा लगता है मानो आपने पूरी दुनिया जीत ली हो। इन पहाड़ों पर चढ़ने के दौरान कई लोगों की जान भी जा चुकी है, इसके बावजूद लोगों के हौसले पस्त नहीं होते है। आए दिन माउंटेन एवरेस्ट से लेकर के2 पहाड़ी पर पर्वतारोहियों के चढ़ने की खबरें आती रहती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन पहाड़ों का नाम कैसे पड़ा? शायद नहीं जानते होंगे, ऐसे में माउन्टेन डे (11 दिसम्बर) के मौके पर हम आपको दुनियाभर के 8 सबसे ऊंचे पहाड़ों के बारे में बताने जा रहे हैं कि उनका नाम कैसे पड़ा।
माउंट एवरेस्ट, नेपाल
माउंट एवरेस्ट को नेपाल में सागरमथ और तिब्बत में कोमोलुंगमा के नाम से जाना जाता है। यह पूरी पृथ्वी पर सबसे ऊंचा पहाड़ है। यह हिमालय के महालगुर खंड में स्थित है। इसकी ऊंचाई समुद्र तल से 8,848 मीटर (29,029 फीट) है। वैसे तो इस पर सबसे पहले चढ़ाई साल 1953 में नेपाल के तेन्जिंग नॉरगे के साथ न्यूज़ीलैंड के एडमंड हिलेरी ने की थी, लेकिन अब तक हजारों लोग इस पहाड़ की चढ़ाई कर चुके हैं। इस पहाड़ी का नाम पहले पिक XV था, लेकिन बाद में भारत के पूर्व सर्वेयर जनरल जॉर्ज एवरेस्ट के नाम रखा गया। बता दें कि इससे पहले एवरेस्ट को सगरमाथा (अर्थात् स्वर्ग का शीर्ष) चोमोलंगमा अर्थात पर्वतों की रानी के नाम से जाना जाता था।
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