(फोटो- लाइबेरिया में मंकी आइलैंड)
पश्चिम अफ्रीकी देश लाइबेरिया में ‘मंकी आइलैंड’ है, जो खासतौर से चिम्पैंजी के लिए मशहूर है। घने जंगल के अंदर फारमिन्गटन नदी के पास स्थित यह आइलैंड पर्यटकों की पहुंच से दूर है। यहां 60 से ज्यादा चिम्पैंजी हैं, जिनका कभी मेडिकल रिसर्च के लिए उपयोग किया जाता था। मेडिकल क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ यहां के चिम्पैंजियों को हीरो कहते हैं, जो बीमारी से लड़ने और रिजल्ट देने में सक्षम हैं।
लाइबेरियन इंस्टीट्यूट ऑफ बायोमेडिकल रिसर्च सेंटर ने इन चिम्पैंजियों पर कई प्रयोग किए हैं। इसमें सबसे प्रमुख वह प्रयोग था, जिसे 1970 के दशक में हेपेटाइटिस का इलाज ढूंढ़ने के लिए याद किया जाता है। वर्ष 1995 से 2000 के मध्य में एनिमल राइट्स समूहों के भारी दबाव के कारण इस सेंटर में रिसर्च बंद कर दिया गया था। उसके बाद चिम्पैंजियों को आइलैंड पर छोड़ दिया गया। वहां अब वे आराम से रह रहे हैं। यह सेंटर की ही योजना थी कि अब चिम्पैंजियों का उपयोग रिसर्च में नहीं हो रहा है, तो क्यों उन्हें प्राकृतिक वातावरण में रखा जाए। मंकी आइलैंड पर रहने वाले चिम्पैंजी केवल केयरटेकर को ही करीब आने देते हैं, पर्यटकों को नहीं।
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