(आर्मी टैंक)
सर्बिया संभवत: दुनिया का पहला ऐसा देश है, जो धन जुटाने के लिए सेना के पुराने साजो-सामान बेच रहा है। देश की जनता ने इंटरनेट पर अभियान छेड़कर सैन्य अधिकारियों से ऐसा नहीं करने की अपील की है। सोशल मीडिया पर सेना के पुराने टैंकों और अन्य उपकरणों के फोटो शेयर करके कहा जा रहा है कि ये देश का गौरव हैं, इन्हें नहीं बेचा जाना चाहिए।
कुछ यूजर्स का मानना है कि ज्यादातर देशों में सेना के पुराने उपकरणों को म्यूज़ियम में रखा जाता है। देश की सरकार को ऐसा ही फैसला करना चाहिए। सर्बियाई सेना के 282 टी-55 टैंक, 16 हजार से ज्यादा पिस्तौल, 5 हजार रॉकेट लॉन्चर, हजारों गोलियां, राइफल ग्रेनेड्स और अन्य असलहा बेचा जा रहा है। यह किन्हें बेचे जाएंगे, यह गोपनीय है। वे नीलामी की बजाय उन कंपनियों को ऑनलाइन प्रस्ताव दे रहे हैं, जो ऐसा करती हैं। अधिकारियों का कहना है कि इससे क्षमता पर असर नहीं पड़ेगा। जो पैसा आएगा, उससे नए हथियार खरीदे जाएंगे। रिसर्च और डेवलपमेंट में सहयोग मिलेगा।
अमेरिका, फ्रांस और रूस उन प्रमुख देशों में शामिल हैं, जिसके सैन्य उपकरणों को कभी बेचा नहीं गया है। अगर वे ज्यादा पुराने भी हो जाते हैं, तो उन्हें म्यूज़ियम में पहुंचा दिया जाता है, जहां बच्चों को उनकी जानकारी दी जाती है। वहां बच्चों को यह भी सिखाया जाता है कि कभी इन हथियारों से देश की सेना ने युद्ध लड़ा था।
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सोर्स- blic.rs