हांगकांग के 17 वर्षीय छात्र जोशुआ वांग युवाओं के साथ-साथ बुजुर्गों के भी प्रिय हैं। कारण हैं उसके विचार और प्रयास। जोशुआ वांग ने दो सालों में सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं का ऐसा समूह तैयार किया है जो आज स्वतंत्रता आंदोलन में भाग ले रहा है। ये सभी चीन से अपने देश को मुक्त देखना चाहते हैं।
हाल ही में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। घर से उसका कम्प्यूटर, पुस्तकों समेत कई चीजें जब्त की हैं। चीन का सरकारी मीडिया उसे ‘उग्रवादी’ कहता है।
हर लड़ाई अंतिम मानें : वांग ने कुछ दिन पहले सीएनएन से कहा था- आंदोलन लंबा चले यह जरूरी नहीं। आप किसी भी लड़ाई को अंतिम मानकर चलेंगे तो परिणाम में देर नहीं लगेगी।
सोर्स: cnn.com